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‘अभ्युदय’ कार्यक्रम से जेएसएस यूनिवर्सिटी में नई शैक्षणिक यात्रा शुरू

नोएडा : जेएसएस यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छह दिवसीय ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम ‘अभ्युदय’ का भव्य शुभारंभ किया। कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए माहौल से परिचित कराया गया। बीटेक, बी.फार्मा और डी.फार्मा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले 1,700 से अधिक नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया गया और उनके विश्वविद्यालय जीवन की नई शुरुआत कराई गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, संस्थागत गतिविधियों, अनुशासन, शोध और करियर से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी देना रहा। इस दौरान छात्रों को उच्च शिक्षा के महत्व और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), नई दिल्ली के संयुक्त सचिव डॉ. अनमोल एम. अंधारे रहे। उनके साथ जेएसएस महाविद्यापीठ के विशेष अधिकारी डॉ. ललित वर्मा, जेएसएस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एच. आर. महादेवस्वामी सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. टीजी ममता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना या डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि वे अपने ज्ञान और कौशल को विकसित कर सकें।
आयोजन अध्यक्ष डॉ. आरएस जगदीश ने छह दिवसीय ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक संसाधनों और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा छात्रों को सांस्कृतिक गतिविधियों, नवाचार और उद्योग से जुड़े अवसरों से भी अवगत कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय के डीन (अकादमिक) ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक संरचना, बहुविषयक शिक्षण प्रणाली और उद्योगोन्मुख शिक्षा मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को तकनीकी कौशल, व्यावहारिक अनुभव और नवाचार की सोच विकसित करना भी जरूरी है।
मुख्य अतिथि डॉ. अनमोल एम. अंधारे ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए कई महत्वपूर्ण मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समर्पण, दृढ़ता, जिज्ञासा, अनुशासन, धैर्य, नवाचार और निरंतर प्रयास जैसे गुणों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे सीखने की प्रक्रिया को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि नई चीजों को जानने और समझने के लिए हमेशा उत्सुक रहें।
डॉ. अंधारे ने कहा कि उच्च शिक्षा का समय विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण चरण होता है। इस दौरान वे अपने ज्ञान, व्यक्तित्व और सोच को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करने की सलाह दी।
वहीं, कुलपति डॉ. एच. आर. महादेवस्वामी ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण और आत्म-परिवर्तन की निरंतर यात्रा है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा और सकारात्मक सोच के साथ सीखने की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और सामाजिक सोच भी विकसित कर सकें।
छह दिवसीय ‘अभ्युदय’ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें विशेषज्ञों के व्याख्यान, करियर मार्गदर्शन, तकनीकी जानकारी, विश्वविद्यालय की गतिविधियों से परिचय और व्यक्तिगत विकास से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे।
कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ ही जेएसएस यूनिवर्सिटी में नए शैक्षणिक सत्र की औपचारिक शुरुआत हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि यह कार्यक्रम नए विद्यार्थियों को बेहतर दिशा देने और उन्हें उच्च शिक्षा की यात्रा में सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





