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उत्तर प्रदेश : कानपुर में साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। फजलगंज थाना पुलिस और साइबर सेल ने ऐसे गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर दुबई में बैठे साइबर अपराधियों को बैंक खाते और प्री-एक्टिवेटेड सिम उपलब्ध कराता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का कनेक्शन एक अन्य साइबर ठग गिरोह के सरगना सुल्तान मिर्जा से भी जुड़ा हुआ है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
दुबई बैठे ठगों तक पहुंचाते थे सुविधा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी साइबर अपराधियों के लिए बैंक खाते, सिम कार्ड और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करता था।
इन सुविधाओं का इस्तेमाल दुबई में बैठे साइबर अपराधी ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे।
साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों और मर्चेंट पेमेंट खातों के जरिए ट्रांसफर किया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों को आरोपियों तक पहुंचने में मुश्किल होती थी।
एनसीआर में चल रहा था ठगी का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के अन्य सदस्य एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में चलती कारों के अंदर फर्जी कॉल सेंटर संचालित करते थे।
इन कॉल सेंटरों के जरिए लोगों को फोन कर ठगी की जाती थी। ठगी से मिली रकम को कई स्तरों पर अलग-अलग खातों में भेजा जाता था।
पुलिस का कहना है कि गिरोह ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से अपना नेटवर्क तैयार किया था।
29 पीड़ितों ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इस गिरोह के खिलाफ अब तक 29 पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है।
इन शिकायतों में करीब 23 करोड़ रुपये की ठगी का जिक्र किया गया है।
हालांकि, पुलिस को बरामद दस्तावेजों, रजिस्टरों, बैंक खातों और मर्चेंट पेमेंट खातों की जांच के बाद ठगी का आंकड़ा इससे कहीं अधिक होने की आशंका है।
100 करोड़ रुपये तक की ठगी की आशंका
पुलिस आयुक्त ने बताया कि अब तक मिले दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क बड़े स्तर पर सक्रिय था।
बरामद रजिस्टर, बैंक खातों और मर्चेंट पेमेंट खातों के आधार पर पुलिस ने करीब 100 करोड़ रुपये तक की ठगी होने की आशंका जताई है।
हालांकि, अंतिम आंकड़ा पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सुल्तान मिर्जा गिरोह से जुड़ा नेटवर्क
पुलिस जांच में आरोपी सरगना का कनेक्शन साइबर ठगी के एक अन्य बड़े नेटवर्क से भी सामने आया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गिरोह का संपर्क साइबर ठग सुल्तान मिर्जा से जुड़े नेटवर्क से पाया गया है।
अब पुलिस दोनों नेटवर्क के बीच संबंधों और लेनदेन की जांच कर रही है।
बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच जारी
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सिम कार्ड की खरीद और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है।
इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने कितने लोगों के नाम पर खाते खुलवाए और उनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया।
साइबर ठगी के नए तरीकों का खुलासा
यह मामला साइबर अपराधियों के बदलते तरीकों को भी उजागर करता है।
अब ठग केवल फोन कॉल या ऑनलाइन लिंक के जरिए ही नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क बनाकर बैंक खातों, सिम कार्ड और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल कर अपराध कर रहे हैं।
ऐसे मामलों में साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस डिजिटल जांच तकनीकों का सहारा ले रही है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
फजलगंज थाना पुलिस और साइबर सेल अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच जारी है।





