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नीट रिजल्ट विवाद: आर्या सिंह ने जंतर-मंतर पर सुनाई आपबीती

कानपुर। नीट परीक्षा परिणाम को लेकर चल रहे विवाद के बीच कानपुर की छात्रा आर्या सिंह ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर अपनी परेशानी लोगों के सामने रखी। आर्या सिंह ने नीट रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिणाम को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं, लेकिन शिकायत करने के बावजूद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। शनिवार को वह अपने पिता के साथ जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुईं और मंच से अपनी पूरी आपबीती सुनाई।
मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के परिणाम को लेकर कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। कानपुर की रहने वाली आर्या सिंह भी उन छात्रों में शामिल हैं, जिन्होंने परिणाम में अनियमितता का आरोप लगाया है। आर्या का कहना है कि उनका परिणाम तीन बार बदला गया, जिसके बाद उन्हें पूरी प्रक्रिया को लेकर संदेह हुआ। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उनके पास कई दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने एनटीए को ईमेल के माध्यम से भेजा है।
आर्या सिंह शनिवार दोपहर अपने पिता राकेश सिंह के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचीं। यहां नीट परिणाम में कथित गड़बड़ी के विरोध में छात्र-छात्राएं और अन्य लोग प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान आर्या ने मंच से अपनी बात रखी और बताया कि किस तरह परिणाम में बदलाव हुआ और उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आर्या ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी शिकायत को लेकर एनटीए अधिकारियों को कई बार ईमेल किया, लेकिन उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई सामने आने के बजाय उसे छिपाने की कोशिश की जा रही है। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया में दिए जा रहे कुछ बयानों से भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है और छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
आर्या के पिता राकेश सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर अपने साथ हुई कथित गड़बड़ी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्या ने सभी जरूरी साक्ष्यों के साथ एनटीए को अपनी शिकायत भेजी है, लेकिन शनिवार दोपहर तक एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी शिकायत का समाधान नहीं किया गया तो वह इस मामले को न्यायालय में ले जाएंगे।
राकेश सिंह ने एनटीए के अधिकारियों के बयानों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एनटीए की ओर से ओएमआर शीट को लेकर जो जानकारी दी गई है, वह संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ओएमआर शीट को लेकर विवाद है तो असली ओएमआर शीट कहां है और छात्रों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है।
आर्या सिंह ने भी एनटीए पर आरोप लगाया कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उनका कहना है कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इससे जुड़ा होता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन छात्रों को परेशानी हुई है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
नीट परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं और इसके परिणाम के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलता है। ऐसे में परिणाम से जुड़ा कोई भी विवाद छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बन जाता है।
फिलहाल आर्या सिंह और उनके पिता ने मामले को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि वे अपने पास मौजूद सभी दस्तावेजों के साथ न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। वहीं, छात्रों की मांग है कि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।





