उत्तर प्रदेश

30 लाख के इनामी नक्सली कमांडर ब्रिजेश गंझू की मुठभेड़ में मौत

Ratna Netam
20 Sept 2026 2:55 PM IST
30 लाख के इनामी नक्सली कमांडर ब्रिजेश गंझू की मुठभेड़ में मौत
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने रविवार को बताया कि तृतीया प्रस्तुति कमेटी (TPC) के प्रमुख नक्सली कमांडर ब्रिजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। डीजीपी ने कहा कि यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अपराधियों और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लगातार जारी है।पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया नक्सली कमांडर ब्रिजेश गंझू लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। उसके ऊपर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसमें अलग-अलग राज्यों की ओर से घोषित 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से घोषित 5 लाख रुपये का इनाम शामिल था।
डीजीपी ने कहा, "आज सुबह एक नक्सली कमांडर के साथ पुलिस मुठभेड़ हुई, जिस पर अन्य राज्यों द्वारा घोषित 25 लाख रुपये और एनआईए द्वारा घोषित 5 लाख रुपये सहित कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। इस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।"राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बल लगातार ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं जो कानून व्यवस्था को चुनौती देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस की नीति स्पष्ट है और किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ब्रिजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह तृतीया प्रस्तुति कमेटी (TPC) का प्रमुख कमांडर था। टीपीसी को नक्सली गतिविधियों से जुड़े एक संगठन के रूप में सुरक्षा एजेंसियां देखती रही हैं। ब्रिजेश गंझू पर कई गंभीर मामलों में शामिल होने का आरोप था और वह लंबे समय से पुलिस की तलाश में था।डीजीपी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों में विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय के कारण ऐसे अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए अपराधियों, माफिया और हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इनामी अपराधियों और नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और जरूरत के अनुसार अभियान चला रही हैं।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखना है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि नक्सली गतिविधियों से जुड़े संगठनों के खिलाफ देश के कई राज्यों में सुरक्षा अभियान चलाए जाते रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य हिंसक गतिविधियों को रोकना और प्रभावित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखना है।ब्रिजेश गंझू की मौत को सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। डीजीपी के बयान के बाद पुलिस विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि राज्य में अपराध और हिंसक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।राज्य पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में भी ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान जारी रखा जाएगा, ताकि प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों की सतर्कता और लगातार कार्रवाई से अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने में मदद मिल रही है।
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