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आयुष्मान कार्ड में नाम की गलती अब जिला स्तर पर होगी ठीक

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: आधार कार्ड में नाम सही होने के बावजूद आयुष्मान कार्ड में गलत नाम दर्ज होने की समस्या से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। अब आयुष्मान कार्ड में नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी से जुड़ी गलतियों को ठीक कराने के लिए लोगों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। ऐसी त्रुटियों का समाधान अब जिला स्तर पर ही कराया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत लाभार्थियों को जरूरी दस्तावेज लेकर नामित अस्पतालों में जाना होगा, जहां से आयुष्मान कार्ड में सुधार की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
नाम की गलती से नहीं मिल रहा था इलाज का लाभ
ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड में नाम अलग-अलग दर्ज हो गए। इसका खामियाजा लाभार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
एक मामले में आधार कार्ड में महिला का नाम नीलाक्षी दर्ज था, जबकि आयुष्मान कार्ड मीनाक्षी के नाम से बन गया। नाम में इस अंतर के कारण लाभार्थी को आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
लाभार्थी और उसके परिवार ने इस गलती को ठीक कराने के लिए सीएमओ कार्यालय के कई चक्कर लगाए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले का प्रस्ताव बनाकर लखनऊ भी भेजा गया था।
प्रदेश स्तर पर पहुंची लाखों शिकायतें
आयुष्मान कार्ड में नाम और अन्य जानकारियों में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने कार्ड में गलत जानकारी दर्ज होने की शिकायत की।
इन शिकायतों में नाम की वर्तनी में गलती, उम्र में अंतर, पता गलत होना और आधार कार्ड से जानकारी का मेल न खाना जैसी समस्याएं शामिल थीं।
शिकायतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने समस्या का समाधान निकालने पर काम शुरू किया। अब ऐसी गलतियों को ठीक करने की जिम्मेदारी जिला स्तर पर देने की व्यवस्था की जा रही है।
जिला स्तर पर होगा सुधार
नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान कार्ड में सुधार के लिए लाभार्थियों को सीधे नामित अस्पतालों में जाना होगा। वहां जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद कार्ड में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके लिए लाभार्थी को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संबंधित जानकारी को अपडेट किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था से लोगों को राजधानी या बड़े अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में कार्ड में छोटी सी गलती भी लाभार्थियों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि कार्ड में सुधार की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को इलाज से वंचित न होना पड़े।
अधिकारियों का कहना है कि जिला स्तर पर सुधार की सुविधा मिलने से शिकायतों का जल्द निपटारा हो सकेगा।
दस्तावेजों की जांच के बाद ही होगा बदलाव
हालांकि, कार्ड में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी होगा। इससे गलत तरीके से जानकारी बदलने और फर्जीवाड़े की संभावना को रोका जा सकेगा।
अस्पताल स्तर पर नियुक्त कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी, ताकि लाभार्थियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
लाभार्थियों को मिलेगी बड़ी राहत
आयुष्मान कार्ड में गलती के कारण इलाज में परेशानी झेल रहे लोगों के लिए यह व्यवस्था काफी मददगार साबित हो सकती है। अब उन्हें केवल जरूरी दस्तावेजों के साथ नजदीकी नामित अस्पताल जाना होगा और वहीं से सुधार प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस कदम से लंबित शिकायतों की संख्या कम होगी और योजना का लाभ सही लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगा।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कार्ड में होने वाली गलतियों को जिला स्तर पर ठीक करने की नई व्यवस्था इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





