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उत्तर प्रदेश
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ‘मिस्टिक अबोर्ड' झोपड़ी बनी आकर्षण का केंद्र, जल्द शुरू होंगी उड़ानें
SHIDDHANT
7 April 2026 9:34 PM IST

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Noida नोएडा। बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब न केवल अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं बल्कि अनोखी थीम आधारित डिजाइन के कारण भी चर्चा में है। एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर यात्रियों के लिए एक खास आकर्षण तैयार किया गया है, जिसका नाम 'मिस्टिक अबोर्ड' रखा गया है। यह एक अनूठी झोपड़ी है, जिसे करीब 8 हजार पीतल (ब्रास) की घंटियों से बनाया गया है। इस झोपड़ी को आध्यात्मिक और शांति का प्रतीक बताया जा रहा है। बोर्डिंग गेट के पास बनाई गई यह झोपड़ी यात्रियों के लिए एक खास अनुभव प्रदान करेगी। इंतजार के दौरान यात्री यहां आकर सुकून महसूस कर सकते हैं, साथ ही यह जगह सेल्फी प्वाइंट के रूप में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 (टी 1) की बात करें तो इसे 1 लाख 38 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित किया गया है।
पहले चरण में यहां 10 एयरोब्रिज लगाए गए हैं, जिनकी मदद से यात्री सीधे विमान तक पहुंच सकेंगे। एप्रन एरिया में एक समय में 28 विमानों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। ऑपरेशन क्षमता की बात करें तो यह एयरपोर्ट बेहद आधुनिक तकनीक से लैस है। यहां हर 2 मिनट में एक फ्लाइट टेकऑफ या लैंड कर सकेगी, यानी लगभग 60 मिनट में 30 फ्लाइट्स का संचालन संभव होगा।
शुरुआती चरण में एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 12 मिलियन (1.2 करोड़) रखी गई है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 30 मिलियन तक किया जाएगा। हालांकि, एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत फिलहाल एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) के अंतिम अप्रूवल पर निर्भर है। संबंधित संस्थाओं को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और एरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद एएसपी के लिए आवेदन भी कर दिया गया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, एयरलाइंस को स्लॉट आवंटित होंगे, डीजीसीए द्वारा स्लॉट जारी किए जाएंगे और टिकटों की बिक्री शुरू हो जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से भी यह एयरपोर्ट बेहद मजबूत है। नॉर्थ रनवे की लंबाई 3900 मीटर है, जबकि भविष्य में साउथ दिशा में 4150 मीटर लंबी दूसरी हवाई पट्टी बनाई जाएगी। साथ ही टी1 के समानांतर टी2 टर्मिनल का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे कुल टर्मिनल क्षेत्रफल लगभग 5 लाख वर्ग मीटर हो जाएगा। कार्गो सुविधाओं में भी यह एयरपोर्ट अग्रणी बनने की तैयारी में है। पहले चरण में 80 हजार वर्ग मीटर में बना कार्गो टर्मिनल 2.5 लाख टन क्षमता का होगा, जिसे आगे बढ़ाकर 15 लाख टन तक किया जाएगा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री द्वारा यहां 40 एकड़ में बनने वाले देश के पहले एमआरओ (मेंटिनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग) सेंटर की आधारशिला भी रखी गई है। इसके शुरू होने के बाद विमानों की सर्विसिंग देश में ही संभव हो सकेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं, आध्यात्मिक अनुभव और उच्च क्षमता के साथ देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभरने को तैयार है।
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