- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Muzaffarnagar: धरने के...
Muzaffarnagar: धरने के दौरान मिला दो साल का बेटा, विवाहिता की गोद में लौटी खुशियां

मुजफ्फरनगर: पति और ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए ससुराल के बाहर धरने पर बैठी विवाहिता श्रुति वर्मा को आखिरकार उसका दो वर्षीय बेटा मिल गया। गुरुवार को महिला थाना, शहर कोतवाली पुलिस और सामाजिक संगठन क्रांतिसेना की पहल पर पति-पत्नी के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद पति ने बेटे को मां को सौंप दिया। बच्चे को पाकर भावुक हुई महिला ने पुलिस और सहयोगी संगठनों का आभार जताया।
शहर के मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवासी श्रुति वर्मा बुधवार को अपने परिजनों के साथ मंडी कोहना सर्राफा बाजार स्थित ससुराल पहुंची थी, लेकिन उसे घर में प्रवेश से रोक दिया गया। इस पर उसने घर के बाहर धरना शुरू कर दिया और ससुराल पक्ष पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए।
श्रुति ने बताया कि अप्रैल 2022 में उसकी शादी मंडी कोहना निवासी शुभांकर वर्मा, पुत्र विजय वर्मा के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद एक पुत्र का जन्म हुआ। लेकिन इसके बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा, जिससे परेशान होकर वह मायके चली गई थी। जब उसने दोबारा ससुराल लौटने की कोशिश की, तो उसे घर में घुसने नहीं दिया गया। श्रुति का कहना था कि उसने पुलिस में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सबसे बड़ा दर्द उसे अपने बेटे से बिछड़ने का था, जो पति के पास था। वह बेटे को अपने साथ ले जाने की मांग कर रही थी। जब बार-बार शिकायतों के बावजूद न्याय नहीं मिला, तो श्रुति ने ससुराल के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।
इस मामले में गुरुवार को शहर कोतवाली और महिला थाना पुलिस ने क्रांतिसेना की पदाधिकारी पूनम चौधरी और अलका शर्मा के सहयोग से पति-पत्नी के बीच कई दौर की बातचीत कराई। अंततः पति शुभांकर वर्मा ने बेटे को मां को सौंपने पर सहमति दी। बेटे को पाकर श्रुति वर्मा भावुक हो गई और पुलिस, महिला थाने तथा सामाजिक संगठनों का आभार जताते हुए अपने परिजनों के साथ घर लौट गई।





