उत्तर प्रदेश

मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड: पीड़ित छात्र की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार

Kavita2
20 Oct 2026 9:16 AM IST
मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड: पीड़ित छात्र की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के चर्चित थप्पड़ कांड में पीड़ित मुस्लिम छात्र को बड़ी राहत मिली है। अगस्त 2023 में हुई घटना के लगभग तीन साल बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्र की पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए 1 लाख 38 हजार रुपये की धनराशि जारी की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जारी इस बजट से छात्र की स्कूल फीस, यूनिफॉर्म, किताबें, कॉपियां, स्टेशनरी और स्कूल आने-जाने के खर्च की व्यवस्था की जाएगी। सरकार के इस फैसले से छात्र के परिवार के साथ बेसिक शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने उठाया कदम

मुजफ्फरनगर का यह मामला वर्ष 2023 में सामने आया था, जब एक निजी स्कूल में शिक्षिका द्वारा मुस्लिम छात्र को दूसरे विद्यार्थियों से थप्पड़ लगवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना ने पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और धार्मिक भेदभाव को लेकर बहस छेड़ दी थी।

मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद अदालत ने पीड़ित छात्र की शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया था। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि छात्र की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। साथ ही उसकी फीस, यूनिफॉर्म, किताबों और परिवहन का खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की बताई गई थी।

मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि छात्र की स्कूली शिक्षा पूरी होने तक इन खर्चों की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की रहेगी।

1.38 लाख रुपये से पूरी होंगी शैक्षणिक जरूरतें

शासन की ओर से जारी 1 लाख 38 हजार रुपये की धनराशि छात्र की शिक्षा से संबंधित विभिन्न जरूरतों पर खर्च की जाएगी। इसमें स्कूल की वार्षिक फीस के साथ ड्रेस, मोजे, किताबें, कॉपियां और अन्य आवश्यक पाठ्य-सामग्री शामिल हैं।

इसके अलावा छात्र के प्रतिदिन स्कूल आने-जाने पर होने वाले खर्च की व्यवस्था भी इसी बजट से की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, धनराशि मिलने के बाद स्कूल की बकाया फीस का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि शासन से विशेष बजट मिलने के बाद अब छात्र की पढ़ाई के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करना आसान हो जाएगा।

पिता रोजाना तय करते हैं करीब 40 किलोमीटर का सफर

पीड़ित छात्र फिलहाल मुजफ्फरनगर शहर के शारदेन स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता प्रतिदिन बाइक से उसे स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस घर लाने का काम करते हैं।

इस दौरान उन्हें रोजाना लगभग 40 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। आने-जाने में खर्च होने वाले पेट्रोल और अन्य जरूरतों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रति स्कूली दिन 200 रुपये की दर से यातायात खर्च दिया जा रहा है।

अब शासन से जारी धनराशि में परिवहन खर्च को भी शामिल किया गया है। इससे परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

ट्रस्ट ने ली थी फीस की जिम्मेदारी

शुरुआत में छात्र की पढ़ाई से संबंधित खर्च बेसिक शिक्षा विभाग अपने स्तर पर उठा रहा था। इसके बाद सैय्यद मुर्तजा मेमोरियल ट्रस्ट ने छात्र की स्कूल फीस जमा करने की जिम्मेदारी संभाली थी।

हालांकि ट्रस्ट की ओर से निर्धारित समय पर फीस जमा नहीं होने के कारण समस्या खड़ी हो गई। इससे छात्र की फीस और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी।

इस समस्या के समाधान के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर विशेष बजट उपलब्ध कराने की मांग की थी।

शासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए 1.38 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी। इससे छात्र की बकाया फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों का भुगतान संभव हो सकेगा।

बीएसए ने दी धनराशि मिलने की जानकारी

मुजफ्फरनगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि छात्र की शिक्षा, परिवहन और अन्य जरूरतों के लिए शासन से धनराशि प्राप्त हुई है।

उन्होंने जानकारी दी कि स्कूल को फीस भेजी जा रही है। इसके साथ ही छात्र के अभिभावक को प्रति स्कूली दिन 200 रुपये की दर से परिवहन खर्च दिया जा रहा है।

अधिकारी के मुताबिक, सरकार से प्राप्त बजट में यूनिफॉर्म, स्टेशनरी और अन्य पाठ्य-सामग्री का खर्च भी शामिल किया गया है।

अगस्त 2023 में सामने आया था थप्पड़ कांड

यह घटना मुजफ्फरनगर जिले के खुब्बापुर गांव स्थित एक निजी स्कूल में अगस्त 2023 में हुई थी। आरोप था कि शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पहाड़ा नहीं सुना पाने पर मुस्लिम छात्र को कक्षा के अन्य विद्यार्थियों से थप्पड़ लगवाए थे।

इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद अदालत ने छात्र की शिक्षा और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार को निर्देश दिए।

शिक्षा प्रभावित न होने देने पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पीड़ित बच्चे की शिक्षा जारी रखने को विशेष महत्व दिया था। अदालत का रुख था कि घटना के कारण छात्र के भविष्य और पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

राज्य सरकार की ओर से धनराशि जारी होना इन्हीं निर्देशों के अनुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह मामला केवल स्कूल फीस के भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालयों में बच्चों की गरिमा, सुरक्षा और समान व्यवहार सुनिश्चित करने से भी जुड़ा है।

छात्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल

मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड ने देश में शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी और बच्चों के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। अब शासन की ओर से छात्र के लिए वित्तीय व्यवस्था किए जाने से उसकी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

हालांकि मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है। ऐसे में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर भी नजर बनी रहेगी।

फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी 1.38 लाख रुपये की धनराशि पीड़ित छात्र की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण राहत है। इससे छात्र को बिना आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

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