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Muzaffarnagar: बंद होंगे 250 सरकारी स्कूल, शिक्षक जल-जमाव में डटे आंदोलन पर

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुजफ्फरनगर जनपद में 250 सरकारी स्कूलों को बंद कर अन्य विद्यालयों में मर्ज करने की तैयारी के खिलाफ ज़िले भर के शिक्षकों ने आज ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने भारी बारिश के बावजूद बीएसए कार्यालय के बाहर जुटकर प्रशासनिक आदेश के खिलाफ नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राम रतन बालियान व महामंत्री अमित शर्मा ने किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्कूलों के विलय की यह योजना वापस नहीं ली गई, तो शिक्षक सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
प्रकोष्ठ की ओर से बीएसए संदीप कुमार सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में स्कूलों के विलय को बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय करार दिया गया। वक्ताओं ने इसे “काला कानून” बताते हुए आरटीई अधिनियम और सामुदायिक संरचना के विरुद्ध बताया।
महामंत्री अमित शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यह फैसला न तो व्यावहारिक है और न ही न्यायोचित। पुरकाजी क्षेत्र से शिक्षक नेता मैराज खालिद ने कहा कि शिक्षक किसी भी कीमत पर अपने विद्यालयों को बंद नहीं होने देंगे।
प्रदर्शन में पश्चिम उत्तर प्रदेश से आए प्रदेश महासचिव मनीष गोयल ने दो टूक कहा कि शिक्षक किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। कार्यालय प्रमुख विनेश कुमार ने इस फैसले से भोजनमाताओं के रोजगार पर मंडरा रहे संकट को उजागर किया और कहा कि इससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।
प्रदर्शन के दौरान सुधीर पोरिया, रवि कुमार, अखलाक अहमद, मोहित, पूजा शर्मा, संध्या चौधरी, मंजू चौधरी, संदीप तोमर, अमित कुमार (पुरकाजी), चरथावल क्षेत्र के शिक्षक नेता और जिले के सभी ब्लॉकों से सैकड़ों शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।





