उत्तर प्रदेश

राहुल गांधी की राजनीति पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का हमला

Tara Tandi
19 Oct 2026 12:39 PM IST
राहुल गांधी की राजनीति पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का हमला
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लखनऊ: रविवार को जारी एक बयान के अनुसार, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने राहुल गांधी, विपक्ष और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। मंच ने जोर देकर कहा कि भारत की एकता और संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, MRM के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने कहा कि विपक्ष और CJP राजनीतिक विरोध को ऐसी दिशा में ले जा रहे हैं, जिससे देश में अस्थिरता और अविश्वास का माहौल पैदा हो सकता है।
MRM के बयान के मुताबिक, उन्होंने सवाल किया कि क्या सत्ता पाने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा, देश की स्थिरता और राष्ट्रीय हितों से ऊपर हो सकती है?
सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि चुनावी प्रणाली और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने के बजाय, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीति पर निशाना साधते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत को टकराव और अराजकता की नहीं, बल्कि जिम्मेदार नेतृत्व, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र-निर्माण की आवश्यकता है।
बांग्लादेश और पाकिस्तान के हालात का जिक्र करते हुए, इंद्रेश कुमार ने चेतावनी दी कि हिंसा, चरमपंथ, राजनीतिक टकराव और सामाजिक विभाजन किसी भी देश की शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि देश को उन विचारधाराओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए जो भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं। कार्यकर्ताओं से आग्रह किया गया कि वे समाज में देशभक्ति, आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करें, और हर तरह की नफरत व चरमपंथ के खिलाफ जागरूकता फैलाएं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डॉ. इंद्रेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता, एकता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान में निहित है।
कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे विभिन्न समुदायों के लोगों तक पहुंचें और प्रेम, भाईचारे, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा दें।
अंतरराष्ट्रीय हालात पर बात करते हुए, इंद्रेश कुमार ने युद्ध के बजाय बातचीत और शांति की अपील की। ​​उन्होंने अमेरिका, ईरान और इजरायल का जिक्र करते हुए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मौतों का जश्न मनाने के बजाय, मानव जीवन और शांति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि दुनिया को डर और जबरदस्ती की नहीं, बल्कि विश्वास और प्रेम की जरूरत है। लखनऊ से दुनिया के लिए उनका संदेश था: "प्यार, प्यार और सिर्फ प्यार।"
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने यह भी घोषणा की कि वह आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 10 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों का मुख्य फोकस राष्ट्रवाद, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा, आपसी भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी पर होगा।
इनमें से दो कार्यक्रम विशेष रूप से सूफीवाद पर केंद्रित होंगे। इनमें लोगों के बीच सूफी परंपरा के प्रेम, मानवता, शांति और आपसी सद्भाव के संदेश को फैलाने पर जोर दिया जाएगा।
मंच का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाना और पूरे राज्य में शांति, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है।
1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजल, शाहिद अख्तर, सैयद रजा हुसैन रिजवी, गिरीश जुयाल, इस्लाम अब्बास, रेशमा हुसैन, शालिनी अली, शाहिद सईद, उत्तर प्रदेश प्रांतीय संयोजक शौकत अली, आलोक चतुर्वेदी, ठाकुर राजा रईस, और विभिन्न सेल के संयोजक व सह-संयोजक तुषारकांत, मजाहिर खान, कल्लू अंसारी, ताहिर शाह, शेर अली, कारी जमाल अबरार, कौकब मुजतबा, महारुख मिर्जा और नईम शास्त्री आदि शामिल थे।
सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि वे एक नए उत्तर प्रदेश और नए भारत के निर्माण में मदद करने के लिए शिक्षा, महिलाओं की गरिमा, मजबूत परिवारों, सामाजिक सद्भाव और देशभक्ति को अपने जीवन में उतारें।
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