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उत्तर प्रदेश
मुस्कान और साहिल दोषी घोषित अब 14 अक्टूबर को तय होगी सजा
Ratna Netam
30 Sept 2026 6:42 PM IST

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मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों को हत्या की साजिश रचने, सौरभ की हत्या करने और बाद में शव को छिपाकर सबूत मिटाने के मामले में दोषसिद्ध माना। सजा पर फैसला 14 अक्टूबर को सुनाया जाएगा।
यह मामला उस समय पूरे देश में चर्चा में आया था, जब सौरभ राजपूत का शव एक नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपा हुआ मिला था। शव को ड्रम में डालकर सीमेंट और रेत से सील किया गया था। मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने सौरभ की पत्नी मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चला।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मुस्कान और साहिल ने पहले सौरभ की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद सौरभ को बेहोश किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और अपराध के सबूत छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस जांच में सामने आए सबूतों, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना मामला रखा।
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मामले में करीब 126 तारीखों पर सुनवाई हुई। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद बुधवार को अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत का फैसला आने के बाद अब मामला सजा तय किए जाने के चरण में पहुंच गया है।
सौरभ राजपूत पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी बताए गए हैं। वह विदेश में काम करते थे और घटना से कुछ समय पहले ही भारत लौटे थे। अभियोजन पक्ष का कहना था कि मुस्कान और साहिल के बीच संबंध थे और इसी को लेकर सौरभ की हत्या की साजिश रची गई। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों को दोषसिद्ध पाया।
मामले में शव को नीले ड्रम में छिपाए जाने के कारण इसे ‘ब्लू ड्रम’ या ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से जाना जाने लगा। पुलिस जांच के दौरान ड्रम से बरामद शव और उससे जुड़े फॉरेंसिक तथा अन्य सबूत मामले में महत्वपूर्ण रहे। हत्या के बाद शव को छिपाने के तरीके ने इस मामले को बेहद सनसनीखेज बना दिया था।
अदालत ने दोषसिद्धि के बाद मुस्कान और साहिल को अपनी सजा के संबंध में पक्ष रखने के लिए समय दिया है। कोर्ट ने 14 अक्टूबर की तारीख तय की है, जब दोनों की सजा पर फैसला सुनाया जाएगा। अभियोजन पक्ष इससे पहले दोनों के लिए कड़ी सजा की मांग कर चुका है, जबकि अंतिम दंड अदालत द्वारा तय किया जाएगा।
सौरभ के परिवार ने दोषसिद्धि के बाद अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों के लिए सबसे कड़ी सजा की मांग की है। परिवार लंबे समय से इस मामले में न्याय की मांग कर रहा था। हालांकि सजा की प्रकृति और अवधि का अंतिम फैसला 14 अक्टूबर को अदालत करेगी।
मामले में बचाव पक्ष ने सुनवाई के दौरान अभियोजन के दावों पर सवाल उठाए थे और प्रत्यक्षदर्शी न होने समेत कई बिंदुओं को आधार बनाया था। दूसरी ओर अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, गवाहों और जांच में जुटाई गई सामग्री के आधार पर दोनों को दोषी ठहराने की मांग की थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध सबूतों पर विचार करने के बाद मुस्कान और साहिल को दोषी माना। फैसले के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और दोनों दोषियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई।
सौरभ राजपूत की हत्या मार्च 2025 में हुई थी। जांच के मुताबिक हत्या के बाद मुस्कान और साहिल मेरठ से बाहर चले गए थे। बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था और इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई में अभियोजन ने कई गवाह और दस्तावेज पेश किए।
इस केस में सबसे अहम सवाल यह था कि क्या उपलब्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्य दोनों आरोपियों को हत्या से जोड़ने के लिए पर्याप्त हैं। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों को दोषी माना। इसके साथ ही अब दोषसिद्धि का चरण पूरा हो गया है और अगली सुनवाई केवल सजा की मात्रा तय करने के लिए होगी।
कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत सजा तय करते समय अपराध की प्रकृति, दोषियों की भूमिका, अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा अन्य परिस्थितियों पर विचार करेगी। दोनों दोषियों को सजा कम करने के पक्ष में अपनी बात रखने के लिए भी अवसर दिया जाएगा।
मेरठ का यह मामला शुरुआत से ही व्यापक चर्चा में रहा। एक पति की हत्या, शव को नीले ड्रम में छिपाने और उसके बाद सामने आई कथित साजिश ने लोगों का ध्यान खींचा। पुलिस जांच, गवाहों के बयान और लंबी सुनवाई के बाद अब अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दे दिया है।
फिलहाल दोनों की सजा तय नहीं हुई है। 14 अक्टूबर को जिला अदालत इस पर फैसला सुनाएगी। तब यह साफ होगा कि सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान और साहिल को क्या सजा दी जाती है।
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