उत्तर प्रदेश

Municipal निगम के दावे फेल, गाजियाबाद की सड़कें बनीं तालाब

Ratna Netam
9 July 2026 5:57 PM IST
Municipal   निगम के दावे फेल, गाजियाबाद की सड़कें बनीं तालाब
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Ghaziabad गाजियाबाद : जिले में रात से हो रही लगातार बारिश ने नगर निगम की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम की ओर से नालों की सफाई और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, लेकिन गुरुवार को हुई तेज बारिश के बाद शहर की जमीनी तस्वीर कुछ और ही नजर आई। कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, वाहन पानी में फंस गए और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

नगर निगम अधिकारियों की ओर से लगातार दावा किया जा रहा था कि मानसून से पहले नालों की सफाई पूरी कर ली गई है, नए नालों का निर्माण कराया जा रहा है और शहर में जलभराव की समस्या नहीं होगी। लेकिन बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव ने इन दावों की पोल खोल दी। जगह-जगह पानी भरने से आम लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।

साहिबाबाद सहित कई इलाकों से जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं। यहां नालों में बारिश का पानी तेज बहाव के साथ बहता नजर आया। कई स्थानों पर नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन पानी में फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी।

इसी बीच पटेल नगर सेकंड इलाके की एक छोटी बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। छबीलदास स्कूल में पढ़ने वाली इस बच्ची ने जिलाधिकारी से मदद की अपील की है। वीडियो में बच्ची कहती नजर आ रही है कि वह पटेल नगर सेकंड में रहती है और बारिश के दौरान उसके इलाके में काफी पानी भर जाता है। उसने डीएम से नालों के निर्माण और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।

बच्ची की अपील ने स्थानीय लोगों की परेशानी को सामने ला दिया है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में उन्हें जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सिर्फ बारिश के समय ही नहीं, बल्कि पूरे साल जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

वहीं, जलभराव और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने आदेश जारी करते हुए 9 जुलाई 2026 को गाजियाबाद जिले के नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि बारिश के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की है। लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बारिश के बाद प्रशासन और नगर निगम इस समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

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