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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: भारत ने कहा है कि ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग से माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर को मजबूत करने, कमजोर वर्गों को सहारा देने और सदस्य देशों की आर्थिक वृद्धि को गति देने में मदद मिल सकती है। यह बयान ब्रिक्स MSME फोरम में भारत की ओर से रखा गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने देश का पक्ष प्रस्तुत किया।
ब्रिक्स MSME फोरम को संबोधित करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने छोटे और मध्यम उद्यमों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसमें रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
मांझी ने अपने संबोधन में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समूह वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यदि सदस्य देश मिलकर काम करें तो इसका सीधा लाभ छोटे उद्यमियों और कमजोर वर्गों तक पहुंच सकता है।
BRICS देशों के बीच सहयोग को लेकर भारत का मानना है कि यह मंच व्यापार, निवेश और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। MSME सेक्टर में सहयोग बढ़ने से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, आसान ऋण सुविधा और स्टार्टअप को बढ़ावा देने जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य छोटे उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाना और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ना है।
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग से तकनीकी नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुल सकती हैं। इससे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच MSME सेक्टर पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन करता है, बल्कि आर्थिक असमानताओं को कम करने में भी मदद करता है।
भारत ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स सहयोग का उद्देश्य समावेशी विकास को बढ़ावा देना है, जिसमें समाज के हर वर्ग को आर्थिक प्रगति का हिस्सा बनाया जा सके।
कुल मिलाकर, भारत का यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से MSME सेक्टर को मजबूत करके आर्थिक विकास को अधिक समावेशी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।





