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उत्तर प्रदेश: बागपत जिले के मुकंदपुर गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बेटी के निकाह की तैयारियों के बीच एक मां की मौत ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। निकाह से ठीक पहले सांप के डसने से महिला की जान चली गई। जिस घर में कुछ ही घंटों बाद बरात आने वाली थी, वहां अचानक चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों से लेकर रिश्तेदारों और ग्रामीणों तक हर किसी की आंखें नम हो गईं।
मामला छपरौली थाना क्षेत्र के मुकंदपुर गांव का है। यहां रहने वाली नईमा पत्नी मौसम शुक्रवार रात अपने घर में चारपाई पर सो रही थीं। देर रात करीब एक बजे जहरीले सांप ने उनके पैर में डस लिया। उस समय महिला को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। कुछ देर बाद पैर में तेज दर्द होने पर परिवार वालों ने चिकित्सक को बुलाया। चिकित्सक ने दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन लगाया, लेकिन महिला की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
हालत बिगड़ने पर परिवार ने दोबारा चिकित्सक को बुलाया। इसके बाद भी आराम नहीं मिलने पर शनिवार सुबह स्वजन नईमा को छपरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि महिला को सांप ने काटा है। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला को एंटी स्नेक वेनम के 10 इंजेक्शन लगाए और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस गांव लौट आए।
सबसे दर्दनाक स्थिति तब बनी जब नईमा का शव घर पहुंचा। उसी समय उनकी बेटी जासमीन की बरात घर की चौखट पर पहुंच चुकी थी। जिस घर में निकाह की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अचानक मातम छा गया। बरातियों और रिश्तेदारों के सामने परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शादी की तैयारियां छोड़कर परिवार और ग्रामीण नईमा के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए।
महिला के जनाजे में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। हर किसी की आंखों से आंसू छलक रहे थे। लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। इसके बाद भारी मन से जासमीन के निकाह की रस्में पूरी की गईं।
बताया जा रहा है कि नईमा पहले ही बड़े दुखों का सामना कर रही थीं। करीब एक साल पहले उनके पति मौसम की भी मौत हो गई थी। मौसम छपरौली क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे। भट्ठे की दीवार गिरने से उनकी जान चली गई थी। पति की मौत के बाद नईमा अपने पांच बेटियों रेशमा, जासमीन, फातिमा, सोनी और इकरा तथा तीन वर्षीय बेटे अहाद की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
अब बेटी के निकाह के मौके पर ही मां की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए लगातार ग्रामीण और रिश्तेदार पहुंच रहे हैं। यह घटना एक बार फिर बताती है कि सांप के काटने जैसी घटनाओं में समय पर सही इलाज कितना जरूरी होता है।





