उत्तर प्रदेश

सोते समय मां और 12 वर्षीय बेटे को सांप ने डसा, इलाज के दौरान दोनों की मौत

Kavita2
12 Aug 2026 10:47 AM IST
सोते समय मां और 12 वर्षीय बेटे को सांप ने डसा, इलाज के दौरान दोनों की मौत
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अलीगढ़ : एक दर्दनाक घटना में मां और उसके 12 वर्षीय बेटे की सांप के डसने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब महिला अपने बच्चों के साथ कमरे में सो रही थी। देर रात करीब दो बजे अचानक सांप कमरे में पहुंच गया और सो रही महिला पिंकी देवी के ऊपर गिर पड़ा। अचानक हुई इस घटना से महिला घबरा गई और उसने सांप को हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान सांप उसके 12 वर्षीय बेटे निर्भय पर जा गिरा और उसे भी डस लिया।

घटना के बाद कमरे में अफरातफरी मच गई। मां और बेटे के सांप के डसने की जानकारी मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य जाग गए। परिजनों ने दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मां और बेटे को मृत घोषित कर दिया। एक ही रात में परिवार के दो सदस्यों की मौत से घर में मातम पसर गया।

जानकारी के अनुसार, पिंकी देवी रात में अपने बच्चों के साथ कमरे में सो रही थीं। रात करीब दो बजे अचानक सांप उनके ऊपर आ गिरा। नींद में अचानक सांप के गिरने से वह घबरा गईं। उन्होंने सांप को हटाने की कोशिश की। इसी दौरान सांप ने उन्हें डस लिया। इसके बाद सांप उनके बेटे निर्भय के ऊपर जा गिरा और उसे भी डस लिया।

सांप के डसने के बाद दोनों की हालत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्यों ने बिना देर किए दोनों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

एक साथ दो मौतों से परिवार में मातम

मां और बेटे की एक साथ मौत की खबर फैलते ही परिवार और आसपास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 12 वर्षीय निर्भय की मौत से परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है। वहीं मां पिंकी देवी की मौत ने परिवार की स्थिति को और दुखद बना दिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना बेहद दर्दनाक थी। रात के समय अचानक सांप के कमरे में पहुंचने और मां-बेटे को डसने से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। घटना के बाद आसपास के लोग भी परिवार की मदद के लिए पहुंचे।

बरसात में बढ़ जाता है सांपों का खतरा

बारिश के मौसम में सांपों के घरों और रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पानी भरने या बिलों में पानी जाने के कारण सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों और अन्य जगहों पर पहुंच सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों, लकड़ी के ढेर, झाड़ियों और जमीन के नजदीक बने कमरों में यह खतरा अधिक रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है। पीड़ित को जल्द से जल्द ऐसे अस्पताल में पहुंचाना चाहिए, जहां सांप के जहर के इलाज की सुविधा उपलब्ध हो। देरी होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

झाड़-फूंक से बचने की जरूरत

सांप के काटने के मामलों में समय पर चिकित्सा उपचार जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार लोग अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक या घरेलू उपचार का सहारा लेते हैं, जिससे इलाज में देरी हो सकती है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह देते हैं।

मां और बेटे की मौत की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सांपों से सुरक्षा और समय पर उपचार की आवश्यकता को सामने ला दिया है। लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में घरों के आसपास सफाई रखने और रात में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सावधानी बरतने की अपील

स्थानीय स्तर पर लोगों को सलाह दी जाती है कि घर के आसपास झाड़ियां, कूड़ा और लकड़ी के ढेर जमा न होने दें। रात में सोने से पहले कमरे और आसपास के हिस्से की जांच कर लेना भी उपयोगी हो सकता है। जमीन पर सोने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो उसे शांत रखते हुए प्रभावित अंग को कम से कम हिलाने की कोशिश करनी चाहिए और तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश में समय गंवाना भी जोखिम भरा हो सकता है।

फिलहाल इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। एक ही रात में मां पिंकी देवी और उनके 12 वर्षीय बेटे निर्भय की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। घटना ने बारिश के मौसम में सांपों से बचाव और सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत को भी रेखांकित किया है।

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