उत्तर प्रदेश

Moradabad की सफाई व्यवस्था को मिली राष्ट्रीय सराहना

Admindelhi1
18 July 2025 8:11 PM IST
Moradabad की सफाई व्यवस्था को मिली राष्ट्रीय सराहना
x
"रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन"

मुरादाबाद: नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने शुक्रवार को बताया कि नगर निगम मुरादाबाद ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में इस बार इतिहास रच दिया है। मुरादाबाद को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर 10वीं रैंक और उत्तर प्रदेश राज्य में 8वीं रैंक प्राप्त कर इतिहास रचा है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ ही मुरादाबाद को गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) 3-स्टार रेटिंग एवं वाटर प्लस सर्टिफिकेशन भी प्राप्त हुआ है। यह शहर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। मुरादाबाद शहर को वर्ष 2023 में 131 रैंक प्राप्त हुई थी। केंद्र सरकार की ओर से यह रैंकिंग गुरुवार रात्रि में जारी हुई।

नगर आयुक्त ने आगे बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण- 2023 की रैंकिंग में शहर को देश में 131 वां स्थान प्राप्त हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2017 में 321 रैंक मिली थी 2018 में 274, 2019 में 195, 2020 में 117, 2021 में 108, 2022 में 95, 2023 में 131 रैंक प्राप्त हुई थी। अब 2024 में 10 वीं रैंक प्राप्त हुई है।

नगर निगम मुरादाबाद ने लगातार सुधार करते हुए एक लंबी छलांग लगाकर बड़े शहरों को पछाड़ते हुए आज राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 10 शहरों में जगह बनाई है। यह सम्मान शहर में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण और जनभागीदारी के प्रति किए गए सतत प्रयासों का प्रतिफल है। यह सफलता मुरादाबाद नगर निगम की समर्पित टीम, सफाई मित्रों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

प्रमुख उपलब्धियाँ (2025 सर्वेक्षण के अनुसार) :

1. घर-घर कचरा संग्रहण : 93 प्रतिशत

2. स्रोत पर कचरा पृथक्करण : 61 प्रतिशत

3. कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण : 89 प्रतिशत

4. डंपिंग साइट्स का उपचार: 90 प्रतिशत

5. आवासीय, बाजार व जल निकाय क्षेत्रों की स्वच्छता: 100 प्रतिशत

6. सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता: 95 प्रतिशत

गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) 3-स्टार रेटिंग के अंतर्गत :

जीएफसी प्रोटोकॉल स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर एक सख्त मूल्यांकन प्रक्रिया है, जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं पर नगरों को आंका जाता है।

1- कचरे का 100 प्रतिशत संग्रहण एवं निष्पादन

2- डंपिंग साइट्स का उन्मूलन व पुनः उपयोग

3- सभी सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई

4- नागरिक सहभागिता व जागरूकता

5- अपशिष्ट का स्रोत पर पृथक्करण

6- प्लास्टिक व जैविक कचरे का प्रसंस्करण

वाटर+ सर्टिफिकेशन के अंतर्गत :

वाटर+प्रोटोकॉल उन नगरों को प्रमाणित करता है जो पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ++) हैं। सभी मलजल का सुरक्षित प्रबंधन (उपचार व पुनः उपयोग) सुनिश्चित करते हैं। नालियों व जल स्रोतों में अंर्टीऐटेड सीवेज नहीं बहाया जाता। नागरिकों व संस्थाओं द्वारा ट्रीटेड वाटर रिशू को प्रोत्साहन दिया जाता है। वाटर+सर्टिफिकेशन यह दर्शाता है कि मुरादाबाद शहर जल प्रदूषण के खिलाफ जागरूक, संगठित और तकनीकी रूप से सक्षम होकर कार्य कर रहा है।

फीडबैक देने के मामले में मुरादाबाद पूरे प्रदेश में अव्वल :

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीम ने बीते अप्रैल में शहर का सर्वे किया था। इस सर्वे में केंद्रीय टीम ने कई मानकों पर रिपोर्ट तैयार की थी। इसी सर्वे में शहरवासियों से फीडबैक भी मांगा गया था। फीडबैक देने के मामले में मुरादाबाद पूरे प्रदेश में अव्वल रहा था।

Next Story