उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद घटना शर्मनाक, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो– मौलाना रज़वी

SHIDDHANT
25 Oct 2025 7:28 PM IST
मुरादाबाद घटना शर्मनाक, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो– मौलाना रज़वी
x
Moradabad मुरादाबाद: हाल ही में हुए मदरसे से जुड़ी घटना पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शाहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “जो कुछ हुआ, वह वाकई शर्मनाक है और इससे पूरे मदरसा समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचा है।” उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से समाज में गलत संदेश जाता है, इसलिए दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। मौलाना रज़वी ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस घटना ने न सिर्फ इस्लामी शिक्षण संस्थानों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारी के मायनों को भी कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि मदरसे हमेशा से शिक्षा, नैतिकता और संस्कारों के प्रतीक रहे हैं, और कुछ लोगों के गलत आचरण से पूरे समुदाय पर सवाल उठाना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा, “मदरसे इल्म (ज्ञान) और इंसानियत की रोशनी फैलाने का स्थान हैं। अगर कोई व्यक्ति या समूह इस पवित्र संस्था की प्रतिष्ठा को गिराने का काम करता है, तो वह धर्म और समाज दोनों के खिलाफ है। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई करे। दोषियों के खिलाफ सख्त सज़ा की मांग मौलाना रज़वी ने प्रदेश प्रशासन से मांग की कि मुरादाबाद की घटना की जांच पारदर्शी ढंग से की जाए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए। उन्होंने कहा कि अगर इस पर कड़ा कदम नहीं उठाया गया, तो समाज में गलत संदेश जाएगा कि धार्मिक संस्थानों में अनुशासन की कोई अहमियत नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा, “मदरसे के जिम्मेदार लोग भी अपने संस्थानों में अनुशासन और नैतिकता पर ध्यान दें। ऐसे किसी भी व्यक्ति को अपने बीच जगह न दें जो बच्चों या समाज के भरोसे के साथ खिलवाड़ करे। यह सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि धार्मिक और इंसानी जिम्मेदारी भी है। राजनीतिक लाभ लेने की कोशिशों पर चेतावनी मौलाना रज़वी ने साथ ही उन लोगों पर भी निशाना साधा जो इस घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “कुछ लोग इस मौके का इस्तेमाल मुसलमानों और मदरसों के खिलाफ माहौल बनाने में कर रहे हैं। यह गलत है। हम किसी भी अपराधी का समर्थन नहीं करते, लेकिन पूरे समुदाय को दोषी ठहराना भी नाइंसाफी होगी।”
उन्होंने अपील की कि मीडिया और राजनीतिक दलों को इस मामले को संवेदनशीलता के साथ उठाना चाहिए, ताकि धार्मिक सौहार्द पर आंच न आए। “हर अपराध का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए, न कि सांप्रदायिक माहौल बनाकर,” उन्होंने कहा। मौलाना रज़वी ने कहा कि मदरसे समाज में शिक्षा, संस्कार और चरित्र निर्माण का केंद्र हैं। “हमें यह याद रखना चाहिए कि मदरसे ही वो स्थान हैं जहां से हजारों बच्चे कुरआन,हदीस और नैतिकता का पाठ सीखकर समाज को रोशनी देते हैं। कुछ गलत घटनाएं पूरे सिस्टम को गलत नहीं बना देतीं,” उन्होंने कहा। उन्होंने धार्मिक विद्वानों और मदरसा संचालकों से अपील की कि वे अपने संस्थानों की कार्यप्रणाली को और पारदर्शी बनाएं, ताकि किसी भी तरह के विवाद की गुंजाइश न रहे। “इस्लाम हमेशा साफ-सुथरे चरित्र, न्याय और इंसाफ की शिक्षा देता है। हमें उसी रास्ते पर चलना चाहिए,” उन्होंने कहा।
Next Story