उत्तर प्रदेश

Moradabad: रेकी कर कार चुराने वाले गिरोह के बदमाश दबोचे

Admindelhi1
29 Nov 2024 11:50 AM IST
Moradabad: रेकी कर कार चुराने वाले गिरोह के बदमाश दबोचे
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पांच लग्जरी कारें बरामद की गईं

मुरादाबाद: सेक्टर-20 पुलिस ने रेकी करने के बाद महज डेढ़ मिनट में कार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरोह के सदस्यों के निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से पांच लग्जरी कारें बरामद की गईं. आरोपी ऑन डिमांड कार चुराते थे.

डीसीपी राम बदन सिंह ने बताया कि सेक्टर-27 में दीवाली के दिन एक घर में चोरी हुई थी. सारा सामान ले जाते समय एक चोर को क्रेटा कार की चाबी भी दिख गई. इसके बाद वह क्रेटा कार में सारा सामान भरकर वहां से फरार हो गया. पीड़ित ने सेक्टर-20 पुलिस से मामले की शिकायत की. इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. मुखबिर और लोकल इंटेलिजेंस से 19 को मिले इनपुट के आधार पर निठारी के पास एलिवेटेड रोड से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

आरोपियों की पहचान आगरा के जैदपुर निवासी विनोद कुमार, औरेया के कोठीपुर निवासी आदेश कुमार, गाजियाबाद के खोड़ा निवासी करन जाट उर्फ सोनू, पंजाब के भटिंडा निवासी प्यारे लाल और राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी इंद्राज कुमार के रूप में हुई. विनोद के खिलाफ अलग-अलग राज्यों के थानों में सात, आदेश पर 13 और सरगना करन जाट पर 18 केस दर्ज हैं. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गिरोह का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है.

ग्ौंगस्टर ऐक्ट की कार्रवाई होगी : एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि आरोपी बीते एक दशक से चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं. सभी पांचवीं से आठवीं पास है. गिरोह के सरगना और उसके प्रमुख साथियों के खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों की चल और संपत्ति की पहचान कर उसे कुर्क किया जाएगा. बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए बागपत, रोहतक, हिसार, सिरसा, भटिंडा समेत करीब 15 जगहों पर पुलिस टीम ने दबिश दी गई. बरामद गाड़ियों में एक की चोरी नोएडा से हुई है. आरोपियों के पास से एक एलईडी टीवी, एक इन्वर्टर, बैटरी ल्युमिनस व घटना में प्रयुक्त औजार, तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है.

चार राज्यों से जुड़े आरोपियों के तार

गिरफ्त में आए आरोपी ऑन डिमांड कार चोरी करते थे. उनके तार पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं. अब तक 50 से ज्यादा वारदात गिरोह के सदस्य कर चुके है. ये लोग तीन राज्यों से कार चोरी करते थे और उसके नंबर के साथ टैंपरिंग करके पंजाब का रजिस्ट्रेशन नंबर लगाकर उसे आगे भेजते थे. ऑन डिमांड वाहनों की मांग करने वाले ग्राहकों को भी सोशल मीडिया समेत अन्य जगहों पर तलाशा जाता है.

गैंग में हर आरोपी की अलग भूमिका थी

एडिशनल डीसीपी मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि करन जाट और उसका साथी नरेंद्र चोरी की वारदात को अंजाम देता था. नरेंद्र फरार है. चोरी के बाद वाहन को दोनों आरोपी अपने गुरु आदेश को देते थे. आदेश गाड़ियों को मोटा कमीशन लेकर बेचने का काम करता था. आदेश का साथी विनोद चोरी की गाड़ियों को उससे खरीदता. इसके बाद आदेश फिर से नया ग्राहक खोजता. इसके बाद प्यारेलाल और इंद्राज की मदद से वाहन को ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है.

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