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UP में मानसून हुआ सक्रिय, 24 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार और तेज होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार देश के लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्से में घने बादलों की मोटी परत छाई हुई है, जिससे व्यापक स्तर पर अच्छी बारिश होने के आसार हैं। इसी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए 22 जुलाई तक भारी से अत्यधिक बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके बावजूद वहां से आने वाली नम हवाएं तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। यही मानसूनी प्रवाह प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को मजबूत कर रहा है। अगले तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने 24 जिलों के लिए सोमवार सुबह तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बस्ती और गोंडा के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा, संभल सहित कई अन्य जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा होने की आशंका जताई गई है, जिससे जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
इसके अलावा कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, अमेठी समेत 31 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम हो सकती है और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह हल्की बूंदाबांदी के साथ दिन की शुरुआत हुई। शाम होते-होते बारिश का दौर तेज हो गया और देर रात तक लगातार वर्षा होती रही। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली, वहीं लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत भी मिली। सड़कों पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा और कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। विशेष रूप से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि लगातार तेज वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव से खेती को नुकसान भी हो सकता है।
प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही बिजली गिरने और तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों पर न जाने की भी अपील की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसूनी हवाओं का यह प्रवाह इसी तरह बना रहा तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। इससे जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ेगा और खरीफ फसलों को भी लाभ मिलेगा, लेकिन लगातार भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार रहने की आवश्यकता होगी।





