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लंगूर ने बाइक को बनाया सवारी, नाराज होकर युवक को काटा

लखीमपुर। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में जंगली जानवरों की मौजूदगी के बीच एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लखीमपुर जिले के बिजुआ क्षेत्र में एक लंगूर करीब 10 किलोमीटर तक बाइक पर बैठकर सफर करता रहा। लेकिन जब बाइक सवार युवक अपने गांव पहुंचकर नीचे उतरा तो लंगूर अचानक आक्रामक हो गया और उसने युवक की गर्दन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना भीरा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव की है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सूरज गुप्ता शनिवार को किसी काम से भीरा गए थे। काम खत्म करने के बाद वह अपनी मोटरसाइकिल से वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक एक काले मुंह वाला लंगूर उनकी बाइक के पीछे आकर बैठ गया।
चलती बाइक पर लंगूर को बैठा देखकर सूरज पहले तो घबरा गए, लेकिन उन्होंने वाहन रोकना उचित नहीं समझा क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा हो सकता था। उन्होंने सावधानी से बाइक चलाना जारी रखा। हैरानी की बात यह रही कि लंगूर पूरे रास्ते शांत बैठा रहा और करीब 10 किलोमीटर का सफर तय कर युवक के साथ शंकरपुर गांव तक पहुंच गया।
गांव पहुंचने के बाद जैसे ही सूरज गुप्ता ने बाइक रोकी और नीचे उतरने लगे, तभी लंगूर अचानक हिंसक हो गया। उसने युवक की गर्दन पर हमला कर दिया और दांतों से कई जगह काट लिया। अचानक हुए हमले से युवक चीखने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक लंगूर वहां से भाग चुका था।
घायल सूरज को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसका इलाज किया और एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई। डॉक्टरों के मुताबिक युवक की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
घटना के बाद शंकरपुर गांव समेत आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजुआ क्षेत्र में पिछले कुछ समय से बंदरों और लंगूरों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। कई बार ये आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को परेशान करते हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए और उत्पात मचा रहे लंगूर को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग ने कदम नहीं उठाए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों के आसपास रहने वाले क्षेत्रों में भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में कई बार जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और वन विभाग को तुरंत सूचना देने की जरूरत होती है।





