उत्तर प्रदेश

संभल में मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा, तीन गिरफ्तार और 42 फोन बरामद

nidhi
11 Oct 2026 9:23 AM IST
संभल में मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा, तीन गिरफ्तार और 42 फोन बरामद
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दिल्ली के फुटपाथ पर बेचते थे चोरी के फोन

बहजोई :उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मोबाइल चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य बिहार और झारखंड से नाबालिग बच्चों को अपने साथ लाकर उनसे भीड़भाड़ वाले बाजारों में मोबाइल फोन चोरी करवाते थे। इसके बाद चोरी किए गए मोबाइल दिल्ली के फुटपाथ बाजारों में बेच दिए जाते थे। गुन्नौर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया। इनके कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 42 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और चोरी का एक आधार कार्ड बरामद किया गया है। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है।

300 से 500 रुपये देकर करवाते थे मोबाइल चोरी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर नाबालिगों को मोबाइल चोरी करने के बदले 300 से 500 रुपये तक देते थे। आरोप है कि बच्चों को भीड़भाड़ वाले बाजारों में भेजा जाता था, जहां खरीदारी करने आए लोगों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल चोरी करवाए जाते थे।
गिरोह के सदस्य कथित रूप से बच्चों को अलग-अलग शहरों में ले जाकर किराये के मकानों में ठहराते थे। इसके बाद उन्हें बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मोबाइल चोरी करने के लिए भेजा जाता था। चोरी के बाद मोबाइल फोन गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचाए जाते थे, जिन्हें आगे बेचने की व्यवस्था की जाती थी। इस मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इससे जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है। नाबालिगों को अपराध में शामिल किए जाने के आरोपों को देखते हुए मामले की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
संभल के बाजार में मोबाइल चोरी के बाद खुला मामला
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर को बबराला क्षेत्र के ओमप्रकाश और जगन्नाथपुर निवासी इमरान के मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान संदिग्धों के बारे में सुराग मिला।
जांच के दौरान मोबाइल चोरी में शामिल लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस को पता चला कि संदिग्ध गुन्नौर क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने बबराला की ओर जाने वाले मार्ग पर बंद पड़े जीतू सर्विस स्टेशन के पास कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से तीन वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लिया। पूछताछ के दौरान मोबाइल चोरी के कथित नेटवर्क और फोन बेचने के तरीके के बारे में जानकारी सामने आई।
झारखंड के साहिबगंज जिले के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार वयस्क आरोपियों की पहचान दिनेश कुमार महतो, सुरंजन कुमार शाह और करन कुमार के रूप में हुई है। तीनों झारखंड के साहिबगंज जिले के तालझाड़ी थाना क्षेत्र के महाराजपुर इलाके के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के विवरण के अनुसार, दिनेश और करन अलीगढ़ के विष्णुपुरी इलाके में रह रहे थे, जबकि सुरंजन मसूदाबाद की नई बस्ती में रहता था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अलीगढ़ और आसपास के जिलों में सक्रिय थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह संभल के अलावा हाथरस, कासगंज और एटा के बाजारों में भी मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। कथित तौर पर गिरोह एक क्षेत्र में चोरी करने के बाद दूसरे जिले में चला जाता था। इससे स्थानीय पुलिस के लिए संदिग्धों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता था। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन जिलों में दर्ज अन्य मोबाइल चोरी के मामलों का संबंध भी इसी गिरोह से है या नहीं।
दिल्ली के फुटपाथ बाजारों में बेचते थे चोरी के फोन
पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए मोबाइल फोन को दिल्ली के फुटपाथ पर लगने वाले बाजारों में बेचने का आरोप है। इस नेटवर्क में मोबाइल चोरी करने वालों से लेकर उन्हें इकट्ठा करने और बेचने वालों तक अलग-अलग लोगों की भूमिका होने की आशंका है।
बरामद 42 मोबाइल फोन अलग-अलग कंपनियों के हैं। इनमें वीवो, ओप्पो, सैमसंग, रियलमी, मोटोरोला, रेडमी और वनप्लस सहित अन्य कंपनियों के फोन शामिल हैं। पुलिस ने मोबाइलों के अलावा एक चोरी का आधार कार्ड भी बरामद किया है। कुल बरामदगी की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अब बरामद फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने और उन्हें मोबाइल वापस दिलाने के लिए आवश्यक जांच कर सकती है। साथ ही, दिल्ली में चोरी के फोन खरीदने या बेचने वाले संभावित लोगों के संबंध में भी पूछताछ की जा सकती है। हालांकि, अतिरिक्त लोगों की संलिप्तता के बारे में अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
साप्ताहिक बाजार जाने की तैयारी में थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले आरोपी गुन्नौर में ही रुके हुए थे और शनिवार को जुनावई के साप्ताहिक बाजार जाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। इस घटना ने भीड़भाड़ वाले बाजारों में मोबाइल चोरी और नाबालिगों को अपराध में शामिल करने के आरोपों को लेकर चिंता बढ़ाई है। पुलिस गिरोह के काम करने के तरीके, दूसरे जिलों में इसकी गतिविधियों और चोरी के मोबाइल बेचने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है। फिलहाल तीन वयस्क आरोपी गिरफ्तार हैं और एक बाल अपचारी पुलिस अभिरक्षा में है। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की आगे की जांच से गिरोह के कथित नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।
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