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- किशोरियों की तलाश में...

लखीमपुर। घाघरा नदी में तीन किशोरियों के डूबने की सूचना मिलने के बाद विधायक विनोद शंकर अवस्थी घटनास्थल पर पहुंचे। दो किशोरियों के लापता होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने बचाव अभियान की स्थिति का जायजा लिया। विधायक स्वयं एसडीआरएफ की टीम के साथ स्टीमर पर सवार होकर नदी में उतरे और करीब दो घंटे तक जवानों तथा गोताखोरों के साथ खोज अभियान में मौजूद रहे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह हटवा मजरा फिरोजाबाद निवासी शैलेद्री (10), गोल्डी (11) और सुनीता (15) घाघरा नदी के किनारे खेत देखने गई थीं। इसी दौरान उनके नदी में डूबने की घटना सामने आई। सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी तलाश शुरू की गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ तथा गोताखोरों की सहायता ली गई।
उपलब्ध जानकारी में दो किशोरियों के लापता होने की बात कही गई है। हालांकि, तीनों में से कौन-सी दो किशोरियां लापता हैं और तीसरी किशोरी की वर्तमान स्थिति क्या है, इसका स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। इस कारण संबंधित प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद ही तीनों किशोरियों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक विनोद शंकर अवस्थी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों, एसडीआरएफ जवानों और गोताखोरों से बातचीत कर तलाश अभियान की प्रगति के बारे में जानकारी ली। नदी का जलस्तर, गहराई और तेज बहाव बचाव दल के लिए चुनौती बने हुए थे। इसके बावजूद टीम ने संभावित स्थानों पर किशोरियों की तलाश जारी रखी।
विधायक ने केवल नदी किनारे से अभियान का निरीक्षण नहीं किया, बल्कि एसडीआरएफ की टीम के साथ स्टीमर में सवार होकर खुद भी नदी में गए। वह करीब दो घंटे तक बचाव दल के साथ मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने नदी में चलाए जा रहे अभियान की जानकारी ली और टीम के प्रयासों को करीब से देखा। तेज बहाव के बीच स्टीमर और गोताखोरों की मदद से खोज अभियान चलाया गया।
किशोरियों के लापता होने के बाद उनके परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। नदी किनारे मौजूद परिजन और स्थानीय निवासी उनकी सुरक्षित बरामदगी की उम्मीद लगाए हुए हैं। बचाव दल नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश कर रहा है, लेकिन अभियान के परिणाम को लेकर उपलब्ध सूचना में कोई पुष्टि नहीं की गई है।
घाघरा जैसी गहरी और तेज बहाव वाली नदी में किसी लापता व्यक्ति की तलाश करना आसान नहीं होता। पानी का प्रवाह तेज होने के कारण डूबा व्यक्ति घटनास्थल से काफी दूर तक बह सकता है। ऐसे में बचाव दल को नदी की दिशा, बहाव और संभावित स्थानों का आकलन करते हुए अभियान आगे बढ़ाना पड़ता है। गोताखोरों के साथ स्टीमर की मदद से बड़े क्षेत्र में खोज की जा रही है।
घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका भी स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है। किशोरियां खेत देखने के दौरान नदी के कितने पास पहुंचीं और उनमें से कोई पैर फिसलने या अन्य कारण से पानी में गिरी, इसकी पुष्टि होना बाकी है। प्रत्यक्षदर्शियों की मौजूदगी या घटना की सूचना सबसे पहले किसने दी, इस संबंध में भी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मौके पर पहुंचे विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने बचाव दल को अभियान जारी रखने के लिए कहा और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। दो घंटे तक नदी में मौजूद रहकर अभियान की निगरानी करने को स्थानीय स्तर पर उनकी संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है। विधायक ने बचाव दल के सामने आने वाली कठिनाइयों और अभियान की प्रगति को समझने का प्रयास किया।
नदी किनारे हुई इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। खेतों और बस्तियों के पास से गुजरने वाली नदियों में जलस्तर बढ़ने तथा तेज बहाव के समय बच्चों और किशोरों के लिए खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे स्थानों पर स्थानीय लोगों को सावधान रहने और बच्चों को अकेले नदी किनारे नहीं भेजने की आवश्यकता है।
एसडीआरएफ जवान और गोताखोर उपलब्ध संसाधनों के साथ किशोरियों की तलाश में जुटे रहे। नदी का पानी गहरा और बहाव तेज होने के कारण अभियान में समय लग रहा है। बचाव दल को नदी की सतह के साथ अंदरूनी हिस्सों में भी खोज करनी पड़ रही है। मौसम और पानी की स्थिति अभियान की गति को प्रभावित कर सकती है।
विधायक ने मौके से हटने के बजाय बचाव दल के साथ रहकर पूरे अभियान की जानकारी ली। उन्होंने स्टीमर से नदी के उन हिस्सों का भी जायजा लिया, जहां लापता किशोरियों के मिलने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, तलाश के दौरान किसी किशोरी की बरामदगी के संबंध में अभी स्पष्ट सूचना सामने नहीं आई है।
घटना के बाद हटवा मजरा फिरोजाबाद में शोक और चिंता का माहौल है। ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचकर बचाव अभियान की जानकारी लेते रहे। परिजनों की नजर एसडीआरएफ और गोताखोरों के प्रयासों पर टिकी है। सभी को उम्मीद है कि अभियान के दौरान लापता किशोरियों का जल्द पता चल सकेगा।
फिलहाल खोज अभियान जारी रहने की जानकारी है। दो किशोरियों की स्थिति और तीसरी किशोरी से संबंधित स्पष्ट सूचना प्रशासन के आधिकारिक बयान के बाद ही सामने आएगी। नदी में डूबने से जुड़े मामलों में अपुष्ट जानकारी फैलने से परिवारों की परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।





