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उत्तर प्रदेश
PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल, 7.5 करोड़ के फर्जी GST लेनदेन का खुलासा
nidhi
3 Oct 2026 8:09 AM IST

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फर्जी GST फर्म के खिलाफ मुकदमा
हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में PAN कार्ड का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर फर्जी फर्म बनाने और करीब 7.5 करोड़ रुपये का GST लेनदेन दिखाने का मामला सामने आया है। मामले का खुलासा होने के बाद फर्जी फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्म बनाने और करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाने के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
मामला तब सामने आया जब पीड़ित को अपने PAN कार्ड से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली। जांच करने पर पता चला कि उसके PAN का इस्तेमाल कथित तौर पर बिना अनुमति के एक फर्म से जोड़ने में किया गया था। इस फर्म के जरिए GST से संबंधित करोड़ों रुपये का कारोबार दर्ज किया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति का दावा है कि उसका इस कारोबार से कोई संबंध नहीं है।
बताया जा रहा है कि फर्जी फर्म के माध्यम से करीब 7.5 करोड़ रुपये का लेनदेन दिखाया गया। इतनी बड़ी रकम की जानकारी सामने आने के बाद पीड़ित हैरान रह गया। उसने संबंधित विभागों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर फर्जी फर्म और मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पीड़ित के PAN कार्ड की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची। साथ ही फर्म के पंजीकरण के दौरान किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और GST रजिस्ट्रेशन हासिल करने के लिए क्या-क्या जानकारी जमा की गई थी, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
जांच में फर्म से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ईमेल आईडी और पते की जानकारी भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि करोड़ों रुपये के लेनदेन में वास्तविक रूप से किन लोगों या कंपनियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा फर्म के माध्यम से जारी किए गए बिल और इनवॉइस की भी जांच की जा सकती है। मामले में GST विभाग से भी आवश्यक जानकारी ली जा सकती है। फर्म के पंजीकरण से लेकर उसके द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न और दिखाए गए कारोबार का पूरा रिकॉर्ड खंगालने से यह साफ हो सकेगा कि 7.5 करोड़ रुपये का लेनदेन किस तरह दर्ज किया गया। अगर फर्जी बिल या इनवॉइस का इस्तेमाल सामने आता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
PAN कार्ड किसी व्यक्ति के वित्तीय लेनदेन और आयकर रिकॉर्ड से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके गलत इस्तेमाल से संबंधित व्यक्ति को टैक्स नोटिस सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में पीड़ित को अक्सर तब जानकारी मिलती है जब उसके नाम पर कोई संदिग्ध लेनदेन, ऋण, फर्म या टैक्स देनदारी सामने आती है।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसी तरीके से अन्य लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्में तो नहीं बनाई गईं। अगर जांच में दूसरे मामलों से संबंध मिलता है तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल फर्जी फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल कैसे किया गया और करोड़ों रुपये के कथित GST लेनदेन के पीछे कौन लोग शामिल थे।
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