उत्तर प्रदेश

Nepal Border पर मजहबी शिक्षा की आड़ में 'मिशन आबाद

Uma Verma
29 March 2025 9:32 AM IST
Nepal Border पर मजहबी शिक्षा की आड़ में मिशन आबाद
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की नेपाल सीमा पर मजहबी शिक्षा की आड़ में जनसंख्या बढ़ाने का एक बड़ा खेल सामने आया है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल से सटी सीमा पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या शरणार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस बढ़ती आबादी के पीछे विदेशी फंडिंग और कट्टरपंथी संगठनों की संलिप्तता का संदेह जताया जा रहा है

नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ का यह सिलसिला पिछले कुछ वर्षों से तेजी से बढ़ा है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि मजहबी शिक्षा के नाम पर अवैध प्रवासियों को बसाने की यह एक संगठित साजिश है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश और म्यांमार से रोहिंग्या शरणार्थी नेपाल के जरिए उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हो रहे हैं और यहां बसाए जा रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में विदेशी एनजीओ, कुछ धार्मिक संगठन और स्थानीय सहयोगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं

अधिकारियों के अनुसार, नेपाल से सटी उत्तर प्रदेश की सीमा पर कई ऐसे मदरसे और धार्मिक संस्थान हैं, जिनकी फंडिंग संदिग्ध स्रोतों से हो रही है। इन्हीं के माध्यम से अवैध प्रवासियों को रहने की सुविधा, रोजगार और पहचान पत्र बनवाने में मदद दी जा रही है। इसके अलावा, इन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी एक संगठित तंत्र काम कर रहा है

सरकार इस मामले को लेकर सतर्क हो गई है। योगी सरकार ने इस पूरे नेटवर्क पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। खुफिया एजेंसियों और यूपी एटीएस को नेपाल सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। इसके साथ ही, अवैध रूप से चल रहे मदरसों और धार्मिक संस्थानों की फंडिंग की भी जांच की जा रही है

विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल के रास्ते होने वाली इस घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा को और कड़ा करना होगा। इसके अलावा, अवैध रूप से बसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी। यूपी पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और जल्द ही इस नेटवर्क के पीछे छिपे बड़े नामों का खुलासा हो सकता है


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