उत्तर प्रदेश

बुलडोजर पर चढ़कर भड़के मंत्री संजीव बालियान

Admin Delhi 1
7 March 2023 9:10 AM GMT
बुलडोजर पर चढ़कर भड़के मंत्री संजीव बालियान
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मुजफ्फरनगर: केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान आज जनपद के अधिकारियों पर जमकर बरसे। उन्होंने एक मंच से अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदी में समझा रहा हूं, ये योगी की और म्हारी सरकार है।

दरअसल बुढ़ाना ब्लॉक में मंत्री संजीव बालियान एक सम्मान समारोह में पहुंचे थे। जहां उन्होंने मंच से बेहद ही सख्ती भरे लहजे़ में कहा कि ‘ये जो हमारे अधिकारी है, इन्हें हिंदी में समझा दूं कि जो 100-50 आदमी इकट्ठे होते ही तुम लोग भाग-भागकर इनके पास आ जाते हो, इस तरह से आना छोड़ दो।’ उन्होंने अधिकारियों को टारगेट करते हुए आगे कहा कि ‘सरकार है योगी की… और हमारी, तुम अपनी बुद्धि ठीक कर लो। कभी दिमाग खराब हो रहे हों बिल्कुल ही।’

उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि ‘तुम लोगों को किसी के भी बीच में बैठने की जरूरत नहीं है आज के बाद।’ पुलिस पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ‘पुलिस अपना काम करना सीख लें, ये जो बदतमीजियां है, ये बंद होनी चाहिए बिल्कुल। सारे सुन लो नीचे से और मुजफ्फरनगर तक वाले।’ इतना ही नहीं, उन्होंने इशारों-इशारों में ये भी समझाने की कोशिश की कि सरकार योगी महाराज की है। किसी भी तरह की गलतफहमी में न रहना।

इतने खफा क्यों है केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान

दरअसल गत दिनों सपा-रालोद गठबंधन की एक महापंचायत में वक्ताओं ने भरे मंच से मंत्री समेत पूर्व विधायक उमेश मलिक को जमकर लपेटा था और जमकर खरी-खोटी कही थी । केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान को जहां चोर तक कह दिया गया तो वहीं पूर्व विधायक को बलकटी से काटने तक की बात कही गई। मंत्री इसी बात को लेकर आहत दिखाई दिए और मंच से अधिकारियों-पुलिस को खूब लताड़ा।

केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान पुलिस और अधिकारियों पर इस बात को लेकर भी जमकर बरसें कि कोई भी 100-50 लोग एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन या पंचायत करते हैं तो अधिकारी उनके बीच में आकर बैठ जाते है। इसीलिए उन्होंने अधिकारियों के लिए कहा कि ‘उन लोगों के बीच बैठने की कोई जरूरत नहीं है।’ असल में उनका निशाना रालोद और किसान यूनियन था, क्योंकि बुढ़ाना इलाके में विपक्ष और किसान संगठन पूरी तरह से सक्रिय है और आए दिन धरना-प्रदर्शन और पंचायत करता रहता है।

सम्मान समारोह में बोलते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि योगी सरकार में भ्रष्टाचार व अपराधियों पर नकेल लगाने का कार्य हुआ है। पहले बसपा, सपा की सरकार रही और केंद्र में कांग्रेस थी, तो करोड़ों के घोटाले ही सामने आए। अखबारों के पृष्ठ अपराध से ही भरे होते थे।

ब्लाक परिसर में प्रमुख पाल्लो देवी के वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद शासन द्वारा नियुक्त कार्य समिति के सदस्यों का सम्मान समारोह किया गया था , जिसमें बीडीसी सदस्य अनिल, पारुल व सोनिया को सभी ने सम्मानित किया।

केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि पहले नेता, अधिकारी व कर्मचारी एक सिंडिकेट के रूप में काम करते थे। आम जनता का शोषण होता था। नेता बिजली चोरी कर स्टील प्लांट चलाते थे। चीनी मिलों से उगाही की जाती थी। उनसे तंग आकर जनता ने भाजपा को चुना। उनकी सरकार में परिवर्तन किया। गुंडाराज खत्म करने व प्रदेश में विकास किया गया। विपक्ष समाज को तोडऩे के काम मे लगा है और जाति वर्ग की बात करते है। पहले बिजली का ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए 10 हजार का चंदा एकत्र करना पड़ता था। गन्ना पेमेंट आठ में से सात मिलों का टाइम पर करा दिया है, आठवें का भी ईलाज करेंगे।

पूर्व विधायक उमेश मलिक ने भी वर्ष 2014 से पहले तथा आज की तुलना की। उन्होंने कहा कि ब्लाक पर बनी कार्य समिति में दर्जी, बाल्मीकि व जोगी समाज को प्रतिनिधित्व मिला है। उन्होनें कहा कि गांव में नहीं घुसने देंगे और बूथ कैप्चरिंग कर लेंगे जैसे जुमले कहने वालों ने वातावरण को दूषित करने का काम किया है।

किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार सहरावत, सतेंद्र सिसोदिया, ठाकुर रामनाथ, जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, अवनीश चौधरी, परमेश सैनी, जितेंद्र त्यागी, अजित बबलू ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर सिंघराज संचालन विनीत कात्यायन ने किया। इस दौरान कुलदीप मुखिया, प्रमोद कश्यप, ब्रजपाल सहरावत, राजेश संगल, हिमांशु संगल, नीलू शर्मा, अजय संगल आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

कार्यक्रम में सभी नेता बुलडोजर पर सवार होकर पहुंचे। चौधरी चरण सिंह चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सभी नेता बुलडोजर पर सवार हो गए। इस दौरान कार्यकर्ताओ ने अबीर-गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया।

सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस बल तैनात रही।

कार्यक्रम के विरोध की आशंका को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सर्किल क्षेत्र के सभी थानों की फोर्स के साथ आरपीएफ के जवान भी तैनात रहे। पुलिस व एलआईयू ने रालोद नेताओं पर नजर लगा रखी थी।

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