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मेरठ रेंज में कांवड़ यात्रा को लेकर हाई अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पहरा

मेरठ। कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर मेरठ रेंज में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लाखों की संख्या में आने वाले शिवभक्तों की सुरक्षित यात्रा और सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मेरठ रेंज में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
डीआईजी ने बताया कि इस बार मेरठ रेंज में कुल 28 कांवड़ मार्गों से शिवभक्त गुजरेंगे। इन मार्गों की कुल लंबाई करीब 969 किलोमीटर है। कांवड़ियों की सुरक्षा और वाहनों की निगरानी के लिए पूरे मार्ग पर 128 बैरियर बनाए जाएंगे। इन बैरियरों पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे, जो यातायात व्यवस्था संभालने के साथ-साथ संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
घाटों पर गोताखोर और नावों की व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के दौरान नदी और नहरों के घाटों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों और स्नान स्थलों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों की व्यवस्था भी की गई है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि रेंज के नदी और नहर वाले क्षेत्रों में कुल 157 नावें और 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे। सभी नावों में लाइफ जैकेट उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही नदी किनारे स्थित पुलिस चौकियों पर भी लाइफ जैकेट रखी जाएंगी, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
NDRF-SDRF की टीमें रहेंगी सक्रिय
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। घाटों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कांवड़ मार्गों पर दोहरी बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग स्थल, कंट्रोल रूम, खोया-पाया केंद्र, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और वॉच टावर बनाए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रियों को किसी तरह की परेशानी से बचाना और भीड़ को नियंत्रित करना है।
32 मंदिरों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ रेंज के 32 प्रमुख मंदिरों पर भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
डीआईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलावार तैयारियां पूरी
मेरठ जिले में सात प्रमुख कांवड़ मार्ग बनाए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 228 किलोमीटर है। इन मार्गों पर 26 बैरियर लगाए जाएंगे। वहीं बुलंदशहर में 446 किलोमीटर के 10 प्रमुख कांवड़ मार्ग, बागपत में 164 किलोमीटर के छह मार्ग और हापुड़ में 131 किलोमीटर के पांच प्रमुख कांवड़ मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
प्रशासन ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मार्गों की लगातार निगरानी की जाए और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
व्यापारियों ने भी उठाई बैरिकेडिंग की समस्या
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए की जाने वाली बैरिकेडिंग को लेकर व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखी हैं। व्यापारियों का कहना है कि कई बार बिना योजना के बैरिकेडिंग कर दी जाती है, जिससे बाजारों और दुकानों पर असर पड़ता है।
व्यापारियों ने मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित न हों। उनका कहना है कि जरूरी कट और रास्तों को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग की जाए, ताकि कांवड़ यात्रा भी सुचारू रूप से चले और आम लोगों को भी परेशानी न हो।
प्रशासन का कहना है कि इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।





