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उत्तर प्रदेश
पति की हत्या पर मेरठ कोर्ट का फैसला, पत्नी और प्रेमी को फांसी
Tara Tandi
16 Oct 2026 4:30 PM IST

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मेरठ: मेरठ की एक अदालत ने शुक्रवार को रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को, रविता के पति अमित कश्यप की हत्या करने और इस अपराध को सांप के काटने की घटना के रूप में पेश करने की कोशिश करने के जुर्म में मौत की सजा सुनाई है।
यह फैसला, मेरठ की ही एक अन्य अदालत द्वारा बुधवार को 'ब्लू ड्रम मर्डर केस' के दोषियों - मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला - को मौत की सजा सुनाए जाने के कुछ दिनों बाद आया है। उन्होंने 2025 में मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी और उसके शव के टुकड़े करके उसे एक ड्रम में बंद कर दिया था।
इस मामले में, आरोपी - जो जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही से जुड़े थे - को 7 अक्टूबर को दोषी ठहराया गया था।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ-12) जयवीर सिंह नागर ने इस मामले की सुनवाई की। इसमें कश्यप की हत्या की साजिश शामिल थी, जिसमें उसके शरीर पर सांप रखकर उसके परिवार और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।
यह घटना मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में हुई थी। 13 अप्रैल 2025 की सुबह कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला, जिसके नीचे एक सांप दबा हुआ था। उसके शरीर पर सांप के काटने के लगभग 10 निशान मिले थे, जिससे परिवार को शुरुआत में लगा कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है।
हालांकि, जब परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया, तो रविता ने इसका विरोध किया और उनके साथ आक्रामक व्यवहार किया। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि अमित के शरीर में सांप का कोई जहर नहीं था और उसकी मौत दम घुटने से हुई थी।
इन खुलासों से उसकी मौत के हालात पर शक पैदा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की संभावना को देखते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान, पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और रविता के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की। जांच में सामने आया कि घटना से 24 घंटे के भीतर रविता और उसके पति के दोस्त अमरदीप के बीच फोन पर 51 बार बातचीत हुई थी।
पुलिस की पूछताछ में रविता ने शुरुआत में गुमराह करने वाले जवाब दिए, लेकिन बाद में उसने कथित तौर पर यह कबूल कर लिया कि उसके अमरदीप के साथ अवैध संबंध थे। जांच के अनुसार, उसके पति ने उसे कई बार धमकी दी थी और उसे उनके रिश्तों पर शक था।
जांचकर्ताओं को पता चला कि हत्या की साजिश घटना से पहले ही रची गई थी। कश्यप की मौत से ठीक 24 घंटे पहले, रविता अपने पति और बच्चों के साथ सहारनपुर के महा शाकंभरी देवी मंदिर से लौटी थी। वहां उसने दंडवत परिक्रमा भी की थी।
हालांकि रविता अक्सर सोशल मीडिया पर अपने पति और बच्चों के साथ रील्स पोस्ट करती थी, लेकिन जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने और अमरदीप ने सहारनपुर से लौटने के तुरंत बाद ही हत्या को अंजाम देने की योजना बना ली थी।
हत्या को सांप के काटने का रूप देने के लिए, आरोपियों ने एक सपेरे से 1,000 रुपये में सांप खरीदा। उन्होंने सपेरे से कहा कि उन्हें यह सांप किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए चाहिए। इसके बाद, सांप को कश्यप के बिस्तर पर रख दिया गया, ताकि ऐसा लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है।
16 अप्रैल 2025 को, कश्यप के भाई मोनू कश्यप ने बहसुमा पुलिस स्टेशन में रविता और अमरदीप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने हत्या के 60 दिनों के भीतर ही चार्जशीट दाखिल कर दी।
अदालत ने 551 दिनों तक इस मामले की सुनवाई की, जिसमें कुल 87 पेशियां हुईं। इस दौरान अभियोजन पक्ष के 12 से अधिक गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए, जिन्होंने कश्यप की मौत के हालात और इस साजिश से जुड़े सबूत पेश किए।
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