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LPG मुक्त होने की ओर मेरठ कैंट 1750 नए आर्मी आवासों में लगेगा PNG कनेक्शन

मेरठ। कैंट स्थित सैन्य क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता से मुक्त करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। सैन्य क्षेत्र के नवनिर्मित आवासों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भारतीय सेना और गेल गैस लिमिटेड के बीच नया अनुबंध किया गया है। इसके तहत परमेश्वरन एन्क्लेव और न्यू शिवाजी लाइंस में बने आर्मी आवासों में 1,750 नए पीएनजी कनेक्शन लगाए जाएंगे।
अनुबंध पर मंगलवार को सेना और गेल गैस लिमिटेड के अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। सैन्य क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क पहले से मौजूद है। ऐसे में नए आवासों तक कनेक्शन पहुंचाने के बाद पीएनजी की आपूर्ति शुरू की जा सकेगी।
कैंट क्षेत्र में बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारों के लिए सरकारी आवास बने हुए हैं। गेल गैस लिमिटेड की ओर से क्षेत्र के करीब 7,200 सरकारी आवासों और क्वार्टरों में पहले से पीएनजी की आपूर्ति की जा रही है। अब 1,750 नए कनेक्शन जुड़ने के बाद पीएनजी सुविधा वाले सैन्य आवासों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नए कनेक्शन मुख्य रूप से परमेश्वरन एन्क्लेव और न्यू शिवाजी लाइंस में बनाए गए आर्मी आवासों में लगाए जाएंगे। इन इलाकों में गैस पाइपलाइन का आधारभूत नेटवर्क मौजूद होने के कारण नए घरों को उससे जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कनेक्शन का काम पूरा होने के बाद घरों में पाइपलाइन के जरिए सीधे प्राकृतिक गैस पहुंचने लगेगी।
गेल गैस लिमिटेड मेरठ के महाप्रबंधक विनय कुमार के मुताबिक सैन्य क्षेत्र में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है। आवासीय परिसरों के बाद अब आर्मी कैंटीन और मेस को भी पाइप्ड नेचुरल गैस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। सैन्य क्षेत्र में संचालित करीब 265 कैंटीनों और मेसों में पीएनजी कनेक्शन लगाने के लिए जल्द अनुबंध किए जाने की योजना है।
यदि कैंटीन और मेस भी पीएनजी नेटवर्क से जुड़ते हैं तो सैन्य क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडर की जरूरत और कम हो जाएगी। बड़े मेस और कैंटीनों में भोजन तैयार करने के लिए गैस की खपत आवासीय कनेक्शन की तुलना में अधिक होती है। ऐसे प्रतिष्ठानों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचने पर सिलेंडरों के नियमित परिवहन, भंडारण और बदलने की आवश्यकता कम होगी।
पीएनजी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गैस सीधे भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से उपभोक्ता तक पहुंचती है। इसके कारण घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक कराने, उसकी डिलीवरी का इंतजार करने और खाली सिलेंडर बदलने जैसी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। आपूर्ति मीटर के जरिए दर्ज होती है और खपत के अनुसार बिल तैयार किया जाता है।
सैन्य क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडरों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और भंडारित करने की आवश्यकता कम होने से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में बदलाव आता है। हालांकि पीएनजी नेटवर्क की सुरक्षा के लिए भी निर्धारित मानकों के अनुसार पाइपलाइन की नियमित निगरानी और रखरखाव जरूरी होता है।
मेरठ कैंट में पहले से स्थापित भूमिगत पाइपलाइन इस विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मौजूदा नेटवर्क के कारण नवनिर्मित आवासों तक गैस पहुंचाने के लिए मुख्य पाइपलाइन संरचना नए सिरे से तैयार करने की जरूरत कम होगी। आवश्यक वितरण लाइन और घरेलू कनेक्शन स्थापित करने के बाद नए क्वार्टरों में आपूर्ति शुरू की जा सकेगी।
कैंट क्षेत्र में पहले से करीब 7,200 सरकारी आवासों और क्वार्टरों को पीएनजी से जोड़े जाने के बाद अब 1,750 नए आवास इस नेटवर्क में शामिल होंगे। इस तरह आवासीय क्षेत्र में पीएनजी की पहुंच और व्यापक होगी। इसके बाद प्रस्तावित 265 आर्मी कैंटीन और मेस को नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया सैन्य क्षेत्र में गैस आपूर्ति व्यवस्था को और विस्तृत करेगी।
पीएनजी को एलपीजी का एक सुविधाजनक विकल्प माना जाता है। घरों तक लगातार पाइपलाइन के माध्यम से गैस पहुंचने के कारण सिलेंडर खत्म होने या उसकी डिलीवरी में देरी जैसी समस्या नहीं रहती। साथ ही उपभोक्ता अपनी वास्तविक खपत के आधार पर भुगतान करते हैं।
गेल गैस लिमिटेड शहरों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य उपभोक्ताओं तक प्राकृतिक गैस पहुंचाती है। इसी व्यवस्था के तहत मेरठ में भी पीएनजी नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। सैन्य क्षेत्र में पहले से उपलब्ध नेटवर्क के जरिए अब नए आवासीय परिसरों को जोड़ने पर जोर दिया गया है।
सेना और गेल गैस लिमिटेड के बीच हुए नए अनुबंध के बाद संबंधित आवासों में कनेक्शन लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पाइपलाइन और घरेलू उपकरणों की आवश्यक जांच पूरी होने के बाद प्राकृतिक गैस की आपूर्ति शुरू की जाएगी।
मेरठ कैंट में 1,750 नए कनेक्शन और भविष्य में 265 कैंटीन तथा मेस को पीएनजी से जोड़ने की योजना पूरी होने के बाद एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो सकती है। सैन्य क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से अधिक व्यापक पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में यह नया अनुबंध महत्वपूर्ण कदम है।





