उत्तर प्रदेश

मेरठ बस हादसा: चालक पर नशे में होने का आरोप, स्कूल प्रबंधन ने किया इनकार

nidhi
28 Oct 2026 11:36 AM IST
मेरठ बस हादसा: चालक पर नशे में होने का आरोप, स्कूल प्रबंधन ने किया इनकार
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मेरठ: रोहटा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह स्कूली बच्चों को लेकर जा रही बस अमानुल्लाहपुर गांव के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। हादसे के बाद बस में फंसे बच्चों को ग्रामीणों और परिजनों ने शीशे तोड़कर बाहर निकाला। शुरुआती रिपोर्टों में करीब दर्जनभर बच्चों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, घायल बच्चों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे हैं। स्कूल संचालक ने केवल दो बच्चों के घायल होने की बात कही है।
हादसा चिंदौड़ी-अमानुल्लाहपुर मार्ग पर हुआ। बस स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की बताई गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सूचना मिलने पर रोहटा थाना प्रभारी पूजा पवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। सुरूरपुर थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। घायल बच्चों को मोदीपुरम स्थित ग्लोबल अस्पताल भिजवाया गया। दुर्घटना के बाद चालक मौके से चला गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बस के अनियंत्रित होने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों और घायल बच्चों के परिजनों ने चालक पर शराब के नशे में बस चलाने का आरोप लगाया है। स्कूल संचालक अजय गुप्ता ने इस आरोप से इनकार किया। उन्होंने कहा कि चालक ने शराब नहीं पी थी और स्कूल प्रबंधन घायल बच्चों के इलाज का खर्च उठाएगा। चालक के नशे में होने की पुष्टि करने वाली चिकित्सकीय रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
हादसे में घायल बच्चों की सटीक संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। शुरुआती समाचारों में दस से अधिक या करीब दर्जनभर बच्चों के घायल होने का उल्लेख है, जबकि स्कूल प्रबंधन का दावा अलग है। अस्पताल से जारी चिकित्सकीय जानकारी मिलने पर यह स्पष्ट होगा कि कितने बच्चों को भर्ती करना पड़ा और कितनों को प्राथमिक उपचार दिया गया। उपलब्ध विवरण के आधार पर सभी बच्चों की चोटों को गंभीर बताना या सभी को सुरक्षित घोषित करना उचित नहीं होगा।
घटना की वजह को लेकर भी जांच महत्वपूर्ण है। बस की गति, चालक की स्थिति, सड़क की दशा और वाहन की तकनीकी जांच से वास्तविक कारण समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर जांच पूरी होने या किसी तकनीकी खामी की पुष्टि होने की जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे के बाद बच्चों को अस्पताल पहुंचाने के साथ अब घटनाक्रम का सही विवरण जुटाना जरूरी है। संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य जिम्मेदारी तय करने में अहम होंगे।
इस दुर्घटना ने स्कूल परिवहन में बच्चों की सुरक्षा का प्रश्न फिर सामने रखा है। सुरक्षा की व्यवस्था केवल बस उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। चालक की योग्यता, वाहन का रखरखाव, बच्चों की निगरानी और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इस विशेष बस में किन सुविधाओं की उपलब्धता थी और उनका इस्तेमाल हुआ या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं है। किसी सुविधा की कमी को जांच के बिना दुर्घटना का कारण नहीं माना जा सकता।
स्कूल बसों की सुरक्षा पर सीबीएसई के प्रकाशित निर्देश उपयोगी संदर्भ देते हैं। इनमें आपातकालीन निकास, गति नियंत्रक, अग्निशमन उपकरण तथा जीपीएस और सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख है। अग्निशमन उपकरण चलाने के लिए चालक, परिचालक और सहायक को प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है। ये सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए जारी निर्देश हैं। संबंधित स्कूल की संबद्धता और उस पर लागू विशिष्ट परिवहन शर्तों की पुष्टि के बिना सीधे नियम उल्लंघन का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इन्हीं निर्देशों में बच्चों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित महिला सहायक, वैध लाइसेंस वाले परिचालक और अनुभवी चालक का उल्लेख मिलता है। स्कूल में परिवहन प्रबंधक नियुक्त करने तथा उसका संपर्क विवरण बस के अंदर और बाहर प्रदर्शित करने की व्यवस्था भी बताई गई है। ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों के चढ़ने, उतरने और सफर के दौरान निगरानी सुनिश्चित करना है। आपात स्थिति में अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों तक तुरंत सूचना पहुंचाने के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी उपयोगी होती है।
अभिभावकों के लिए भी स्कूल की परिवहन व्यवस्था की जानकारी रखना उपयोगी है। बस के चालक और सहायक का संपर्क, निर्धारित मार्ग तथा शिकायत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का विवरण पहले से उपलब्ध होना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायत मिलने पर उसका लिखित रिकॉर्ड रखा जा सकता है। हादसे की स्थिति में स्कूल को बच्चों की सही संख्या, अस्पताल और उपचार से संबंधित जानकारी अभिभावकों तक स्पष्ट रूप से पहुंचानी चाहिए
फिलहाल मेरठ की इस दुर्घटना में प्राथमिक तथ्य बस पलटना, बच्चों को बाहर निकालना और घायलों को अस्पताल पहुंचाना हैं। चालक के विरुद्ध आरोप, घायल बच्चों की अंतिम संख्या तथा दुर्घटना के कारण पर विस्तृत पुष्टि बाकी है। पुलिस की जांच और अस्पताल की जानकारी से स्थिति स्पष्ट होगी। स्कूल प्रबंधन की ओर से इलाज का खर्च उठाने की बात कही गई है। आगे की रिपोर्टिंग में चिकित्सकीय स्थिति और जांच के निष्कर्ष सबसे महत्वपूर्ण होंगे।
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