उत्तर प्रदेश

मायावती ने की वोटर लिस्ट की समीक्षा संगठन को दिए अहम निर्देश

Ratna Netam
4 Oct 2026 7:14 PM IST
मायावती ने की वोटर लिस्ट की समीक्षा  संगठन को दिए अहम निर्देश
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को उत्तराखंड के वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद की स्थिति, बूथ स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन की प्रगति पर भी मायावती ने पदाधिकारियों से रिपोर्ट ली।
बैठक BSP के केंद्रीय कैंप कार्यालय में आयोजित की गई। इसमें उत्तराखंड में पार्टी संगठन की मौजूदा स्थिति और SIR के बाद मतदाता सूची में हुए बदलावों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। मायावती ने पदाधिकारियों से कहा कि संगठन को मतदान केंद्र स्तर तक मजबूत करने का काम तेजी से पूरा किया जाए और जहां भी संगठनात्मक कमियां हैं, उन्हें निर्धारित समय के भीतर दूर किया जाए।
बैठक में SIR के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। BSP की विज्ञप्ति में दावा किया गया कि करीब 9 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में SIR शुरू होने के समय मतदाताओं की संख्या करीब 79.60 लाख थी, जबकि 3 अक्टूबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में करीब 71.58 लाख मतदाता दर्ज हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार शुरुआती संख्या की तुलना में अंतिम सूची में करीब 8 लाख मतदाता कम हैं; वहीं पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 9.31 लाख से अधिक नाम हटाए गए और करीब 1.30 लाख नए नाम जोड़े गए।
मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाता सूची से बाहर हुए पात्र नागरिकों की स्थिति पर बूथ स्तर पर नजर रखी जाए। खास तौर पर गरीबों, युवाओं, महिलाओं और कमजोर वर्गों के पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में सहायता करने को कहा गया, ताकि कोई योग्य नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
चुनाव अधिकारियों की ओर से भी ऐसे पात्र मतदाताओं के लिए प्रक्रिया जारी है जिनके नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, योग्य नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं की दोबारा पहचान करने की कवायद के निर्देश भी दिए हैं, जिनके नाम SIR से पहले की सूची में थे लेकिन अंतिम सूची में नहीं हैं।
BSP की बैठक में मतदाता सूची के साथ पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मायावती ने बूथ स्तर तक कमेटियों के पुनर्गठन की प्रगति की समीक्षा की। पार्टी नेतृत्व का जोर इस बात पर रहा कि चुनाव के समय केवल बड़े स्तर की सभाओं और प्रचार पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय रखा जाए।
बूथ कमेटियां किसी भी राजनीतिक दल की चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मतदाता सूची की जांच, स्थानीय मतदाताओं से संपर्क और पार्टी की गतिविधियों को मतदान केंद्र स्तर तक पहुंचाने जैसे काम इन्हीं स्थानीय इकाइयों के जरिए किए जाते हैं। ऐसे में SIR के बाद मतदाता सूची में हुए बदलावों के बीच BSP नेतृत्व ने बूथ स्तर के संगठन को प्राथमिकता दी है।
बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और उम्मीदवार चयन पर भी चर्चा की गई। पार्टी की ओर से मजबूत और प्रभावी उम्मीदवारों की पहचान की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। उत्तराखंड के साथ पंजाब और उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी तैयारियां भी BSP नेतृत्व के एजेंडे में रही हैं। मायावती हाल के महीनों में अलग-अलग राज्यों के पदाधिकारियों के साथ संगठन और चुनावी तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें करती रही हैं।
मायावती ने पार्टी नेताओं को स्थानीय स्तर पर जनता के बीच सक्रिय रहने और संगठन से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उनका जोर इस बात पर रहा कि मतदान केंद्र स्तर तक पार्टी की संरचना स्पष्ट और सक्रिय होनी चाहिए। इसके साथ मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम दर्ज कराने से जुड़ी प्रक्रिया में लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर भी बल दिया गया।
उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से चल रही थी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग चरणों में बैठकें भी की थीं। सितंबर में हुई एक बैठक में राजनीतिक दलों को बताया गया था कि लाखों नोटिस पर सुनवाई पूरी की जा चुकी है और फॉर्म-6, फॉर्म-7 तथा फॉर्म-8 से जुड़े दावों और आपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 3 अक्टूबर तय की गई थी।
अंतिम सूची सामने आने के बाद मतदाताओं की संख्या में कमी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। अलग-अलग दल इस पर अपनी चिंताएं और सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में BSP ने भी अपने संगठन को पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित कराने की दिशा में सक्रिय रहने को कहा है। हालांकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का अंतिम निर्णय निर्वाचन नियमों और चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होता है।
मायावती की बैठक का दूसरा प्रमुख पहलू आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारी रहा। उम्मीदवारों का चयन, संगठन का पुनर्गठन और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता को चुनावी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि चुनावी कार्यक्रम आगे बढ़ने से पहले संगठनात्मक स्तर पर मौजूद कमियों को दूर कर लिया जाए।
बैठक के जरिए मायावती ने स्पष्ट किया कि BSP की प्राथमिकता केवल चुनावी उम्मीदवार तय करना नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को तैयार करना और पात्र मतदाताओं को उनके मतदान अधिकार के प्रति जागरूक करना भी है। SIR के बाद उत्तराखंड की मतदाता सूची में आए बड़े बदलाव के बीच पार्टी ने इस मुद्दे को अपनी संगठनात्मक तैयारियों से जोड़ते हुए पदाधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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