उत्तर प्रदेश

आकाश आनंद की वापसी पर मायावती ने बताई पूरी वजह

jantaserishta.com
6 Oct 2026 3:56 PM IST
आकाश आनंद की वापसी पर मायावती ने बताई पूरी वजह
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लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल करने और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी देने के फैसले पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि शादी से पहले आकाश पार्टी में सक्रिय थे और उस समय उन्हें कभी अलग करने की जरूरत नहीं पड़ी। मायावती के मुताबिक शादी के बाद आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में परिस्थितियां बदलीं। अब अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद मायावती ने उम्मीद जताई है कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी।
शादी के बाद बदली परिस्थितियां
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को शादी से पहले कभी पार्टी से बाहर करने की जरूरत नहीं पड़ी थी। उस समय वह संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और उनकी तरफ से शिकायत का कोई मौका नहीं मिला।
उनके अनुसार, शादी के बाद आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने उन्हें प्रभावित किया और स्वार्थ के कारण उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। मायावती ने कहा कि आकाश को सुधारने के लिए उन्हें कई बार पार्टी से अलग करना पड़ा। बाद में जब आकाश को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्हें माफ कर दिया गया।
मायावती ने यह भी कहा कि मीडिया में आकाश को चार बार पार्टी से निकाले जाने की बात को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। उनके मुताबिक इस पूरे मामले में शादी से पहले और बाद की परिस्थितियों को भी बताया जाना चाहिए।
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद नहीं बनेगी ऐसी स्थिति
मायावती ने कहा कि अब अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास ले चुके हैं। इसलिए ऐसी परिस्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए, जिसमें आकाश को पार्टी से अलग करना पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि आकाश अब अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाएंगे और आगे बढ़ेंगे।
इससे पहले 2 अक्टूबर को आकाश आनंद ने X पर मायावती को अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और “बुआ मां” बताया था। उन्होंने कहा था कि बसपा ही उनका परिवार है और वह किसी दूसरे दल में नहीं जाएंगे। उन्होंने अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले का भी समर्थन किया था।
31 दिन बाद फिर मिली राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी
मायावती ने सोमवार को आकाश आनंद को 31 दिन बाद फिर बसपा का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया। इससे पहले 3 सितंबर को उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। मायावती अब तक चार बार आकाश को जिम्मेदारी से हटा चुकी हैं और हर बार उन्हें दोबारा पद दिया गया।
वापसी के बाद आकाश ने मायावती का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी और माफी मिलने का भरोसा वह हल्के में नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि पिछले समय ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है और सबसे बड़ी सीख यह है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है।
कई बार मिली जिम्मेदारी, फिर हटाया गया
आकाश आनंद ने 2017 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। 2019 में उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया। 10 दिसंबर 2023 को मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। 7 मई 2024 को उनकी सभी जिम्मेदारियां वापस ले ली गईं, लेकिन बाद में फैसला पलटकर उन्हें फिर उत्तराधिकारी और नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया।
मार्च 2025 में उन्हें फिर जिम्मेदारियों से हटाया गया और 3 मार्च को पार्टी से बाहर कर दिया गया। अप्रैल 2026 में मायावती ने उन्हें माफ किया। इसके बाद 18 मई को उन्हें चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनाया गया और 29 अगस्त को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी गई।
3 सितंबर को उन्हें फिर पद से हटाया गया। बाद में मायावती ने उनके ससुर के राजनीति से संन्यास लेने की शर्त रखी। 10 सितंबर को आकाश को पार्टी से निकाल दिया गया और कुछ घंटे बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की।
2017 में शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
आकाश आनंद पहली बार 2017 में सहारनपुर की एक जनसभा में मायावती के साथ दिखाई दिए थे। इसके बाद वह लगातार पार्टी के काम में सक्रिय रहे। 2022 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में पहली बार उनका नाम स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हुआ था।
आकाश ने लंदन से MBA की पढ़ाई की है। 26 मार्च 2023 को उनकी शादी अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा से हुई थी। मायावती भी इस शादी में शामिल हुई थीं। अब आकाश की पार्टी में वापसी के बाद मायावती ने उम्मीद जताई है कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से हटने के बाद ऐसी परिस्थितियां नहीं बनेंगी, जिनके कारण आकाश को दोबारा पार्टी से अलग करने की जरूरत पड़े।
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