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Mathura: मंदिर के पास दोहरी हत्या, भाई ने ही रचाया खूनी खेल

मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के नजदीक स्थित गोविंद नगर थाना क्षेत्र के मल्लपुरा इलाके में शुक्रवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। छोटे भाई ने आपसी कहासुनी के बाद अपने ही बड़े भाई और उसकी बेटी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी और फरार हो गया। यह दिल दहला देने वाली वारदात जन्मभूमि जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत और स्तब्धता का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी की तलाश में चार टीमें गठित कर दी गई हैं।
दोहरी हत्या से थर्राया मथुरा, श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास खूनी वारदात
हत्या की यह वीभत्स वारदात मथुरा के उस पवित्र स्थान के पास हुई है जिसे श्रीकृष्ण की जन्मस्थली के रूप में श्रद्धा और भक्ति का केंद्र माना जाता है। ऐसे पावन स्थल के पास खून से सनी ज़मीन, चीखते परिजन और खौफजदा चेहरे देख स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि आपसी रंजिश और घरेलू विवाद इस हत्या की वजह बना।
मृतकों की पहचान संजय और अंजलि के रूप में
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतक का नाम संजय (40 वर्ष) और उसकी बेटी अंजलि (18 वर्ष) है। संजय अपने परिवार के साथ मल्लपुरा मोहल्ले में वर्षों से निवास कर रहा था। वह पांच भाइयों में सबसे बड़ा था और घर का भरण-पोषण उसी के ऊपर था। स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय एक शांत स्वभाव का व्यक्ति था और कभी किसी से उलझता नहीं था।
कहासुनी बनी खूनी जंग की वजह
घटना की रात संजय घर पर मौजूद था, वहीं उसकी पत्नी भगवती और छोटा भाई खिल्लन किसी घरेलू बात को लेकर बहस कर रहे थे। पहले मामूली तकरार हुई, फिर बात इतनी बढ़ गई कि खिल्लन ने आपा खो दिया और किचन से चाकू उठाकर संजय और उसकी बेटी पर हमला कर दिया। बेटी अंजलि ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उस पर भी चाकू से कई वार किए गए। चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग और परिजन दौड़ते हुए कमरे में पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
चश्मदीद भाई का बयान
संजय के छोटे भाई बृजेश कुमार ने बताया, “मैं बाजार से लौट रहा था, तभी घर के अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं। मैं दौड़कर अंदर गया तो देखा कि संजय और अंजलि खून से लथपथ ज़मीन पर पड़े थे। भगवती बेसुध हो चुकी थी और आरोपी खिल्लन भाग चुका था।”
बृजेश ने बताया कि वारदात बेहद अचानक हुई और किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि बात इतनी आगे बढ़ जाएगी। “खिल्लन कुछ दिनों से तनाव में था और आए दिन झगड़े कर रहा था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह अपने ही भाई और भतीजी की हत्या कर देगा,” उन्होंने कहा।
पुलिस की कार्रवाई, 4 टीमें गठित
घटना की सूचना मिलते ही गोविंद नगर थाना पुलिस और जिला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायज़ा लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए चार टीमें आरोपी की तलाश में लगाई हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी खिल्लन वारदात के बाद फरार हो गया और उसकी अंतिम लोकेशन मथुरा से बाहर की मिली है। संभावना है कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरफ भागा है।
एसपी सिटी ने बताया, “यह बेहद दुखद घटना है। पारिवारिक विवाद इतना भयावह रूप ले लेगा, इसकी कल्पना नहीं थी। हमने आरोपी की तलाश में टीमों को लगाया है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।”
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा है। रिपोर्ट से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चाकू के कितने वार हुए और किस तरह से हमला किया गया। फिलहाल, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस का कहना है कि उसे जल्द खोज लिया जाएगा।
मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
घटना के बाद से मल्लपुरा इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका अपेक्षाकृत शांत रहता है, और इस तरह की वारदात ने सभी को हिलाकर रख दिया है। श्रद्धालु भी जो श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं, उन्होंने भी घटना को लेकर दुःख जताया और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक धार्मिक स्थल के इतने करीब इस तरह की हिंसा हुई।
सामाजिक और मानसिक तनाव पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू हिंसा और रिश्तों में संवाद की कमी इस तरह की घटनाओं को जन्म देती है। खिल्लन की मानसिक स्थिति और उसके व्यवहार का विश्लेषण कर यह समझने की कोशिश की जाएगी कि क्या वह किसी मानसिक रोग से पीड़ित था या यह पूरी तरह सोच-समझकर की गई हत्या थी।
आरोपी की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा और उसके खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, संजय की पत्नी भगवती की हालत भी बेहद नाजुक है और उन्हें गहरा सदमा लगा है। अंजलि की मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है, वह अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी और अपने पिता की सबसे करीब थी।
निष्कर्ष
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास घटित यह दोहरा हत्याकांड एक भयावह उदाहरण है कि पारिवारिक विवाद कैसे एक त्रासदी में बदल सकता है। एक भाई ने अपने ही खून के रिश्तों को चाकू के वारों से खत्म कर दिया। पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे असली वजह क्या थी, लेकिन फिलहाल एक पूरा परिवार इस त्रासदी से उबरने की कोशिश में है। और मथुरा – जो कृष्ण की नगरी के रूप में शांति और प्रेम का प्रतीक है – वह आज इस रक्तरंजित घटना से आहत है





