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उत्तर प्रदेश
यूपी में वोटर लिस्ट की बड़ी समीक्षा: SIR डेडलाइन 26 दिसंबर तक बढ़ी
SHIDDHANT
11 Dec 2025 10:38 PM IST

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Lucknow लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारी के बीच वोटर लिस्ट को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया की डेडलाइन बढ़ाकर 26 दिसंबर 2025 कर दी है। यह निर्णय राज्य में वोटर लिस्ट की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिनवा ने कहा कि वर्तमान स्थिति बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है, क्योंकि करीब 2 करोड़ 95 लाख मतदाताओं को ‘मार्क’ किया गया है, और उनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में दिखाई नहीं दे रहे हैं। यह संख्या राज्य की कुल आबादी और मतदाता हिस्सेदारी के लिहाज़ से बहुत बड़ी है, जिसके कारण चुनाव आयोग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है।
रिनवा ने कहा कि आयोग को आशंका है कि इस श्रेणी में वास्तविक और पात्र मतदाता भी शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से राज्य सरकार और CEO कार्यालय ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वरिष्ठ अधिकारियों, सुपरवाइजर्स और अनुभवी टीमों को तैनात कर एक बार फिर से गहन जांच कराई जाए, ताकि किसी भी असली वोटर का नाम गलती से हट न जाए और वह अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न हो। उन्होंने बताया कि डेडलाइन बढ़ने के साथ ही जिले-दर-जिले फील्ड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को निर्देशित किया गया है कि इस बार जांच अधिक कठोर और त्रुटिरहित हो। सभी जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी स्थिति की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है।
मैपिंग प्रक्रिया भी होगी मजबूत
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि SIR अवधि बढ़ने के दौरान, प्रदेश में पोलिंग स्टेशन मैपिंग और भू-स्थानिक (Geospatial) सुधार की प्रक्रिया को भी और मजबूत किया जा रहा है। कई जिलों में सीमा विस्तार, शहरीकरण और वार्ड पुनर्गठन के कारण पोलिंग बूथ की सीमाओं में बदलाव आया है। ऐसी स्थिति में कई मतदाताओं के नाम गलत पोलिंग क्षेत्र में चले गए हैं, जिन्हें सही करने की आवश्यकता है। रिनवा ने कहा कि बेहतर मैपिंग से भविष्य में बूथ और मतदाता लोकेशन से जुड़ी त्रुटियां काफी हद तक कम हो जाएंगी। इसके लिए चुनाव आयोग की तकनीकी टीम भी राज्यों को सहयोग कर रही है।
राजनीतिक महत्व
2026 में संभावित विधानसभा उप-चुनावों और आने वाले लोकसभा चुनावों से पहले यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विपक्ष ने पहले भी कई बार मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था। अब 2.95 करोड़ नामों का ड्राफ्ट लिस्ट में न दिखना राजनीतिक हलचल को और बढ़ा सकता है।
आयोग ने की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जनता से अपील की है कि वह अपने मतदाता विवरण की जांच करें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में BLO से संपर्क करें या ऑनलाइन फॉर्म-6, 7 और 8 के माध्यम से सुधार दर्ज कराएं।
इस विस्तारित अवधि का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्तर प्रदेश के हर पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और भरोसेमंद बनी रहे।
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