उत्तर प्रदेश

POCSO मामले में बड़ा फैसला, आरोपी पर 15 हजार का जुर्माना भी लगा

Ratna Netam
17 July 2026 5:13 PM IST
POCSO  मामले में बड़ा फैसला, आरोपी पर 15 हजार का जुर्माना भी लगा
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Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2018 में थाना शाहपुर क्षेत्र में दर्ज नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ अश्लील हरकत करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

यह फैसला शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) कोर्ट संख्या-1, मुजफ्फरनगर द्वारा सुनाया गया। अदालत ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों, गवाहों और पुलिस की विवेचना के आधार पर आरोपी को दोषी माना।

पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना शाहपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 180/2018 से संबंधित है। मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363 और 354 के साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया था।

मामले में दोषी पाए गए आरोपी शाहिद पुत्र इब्राहिम निवासी सिवालखास, थाना जानी, जनपद मेरठ को अदालत ने पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे न्याय प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है।

मुजफ्फरनगर पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत इस मामले में भी पुलिस ने मजबूत साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में प्रभावी तरीके से पक्ष रखा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक और पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। थाना शाहपुर पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी गंभीरता के साथ की और सभी जरूरी साक्ष्यों को एकत्र किया।

इसके अलावा पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने भी अदालत में मामले की मजबूत पैरवी की। पुलिस का कहना है कि बेहतर समन्वय और प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी को दोषी साबित कराया जा सका।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन कन्विक्शन का मुख्य उद्देश्य गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और समाज में कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास मजबूत हो।

पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में त्वरित जांच, मजबूत साक्ष्य संकलन और प्रभावी न्यायिक पैरवी के माध्यम से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

इस फैसले को पुलिस की ओर से अपराध नियंत्रण और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत लंबित गंभीर मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।

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