उत्तर प्रदेश

सुखनई नदी में जल तर्पण के दौरान बड़ा हादसा, एक ही परिवार के चार समेत पांच की डूबने से मौत

Kavita2
29 Sept 2026 4:05 PM IST
सुखनई नदी में जल तर्पण के दौरान बड़ा हादसा, एक ही परिवार के चार समेत पांच की डूबने से मौत
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झांसी। मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र की रानीपुर चौकी अंतर्गत देवरी सिंह पुरा में मंगलवार को सुखनई नदी में जल तर्पण के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। नदी में डूबने से एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। हादसे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए।

जानकारी के अनुसार देवरी सिंह पुरा निवासी अनूप तिवारी के चाचा काशी प्रसाद तिवारी का पटा श्राद्ध कार्यक्रम था। परिवार के सदस्य मंगलवार को पूर्वजों को जल तर्पण करने के लिए सुखनई नदी पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक एक के बाद एक पांच लोग गहरे पानी में चले गए और डूब गए।

हादसे में देवरी सिंह पुरा निवासी अनूप तिवारी, उनके 12 वर्षीय बेटे अर्पित, परिवार के अभिनव तिवारी (25), श्रेयांश तिवारी (21) और जालौन के हरेदाई निवासी पुष्कर शुक्ला (23) की मौत हो गई।

बताया गया कि मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे अनूप तिवारी अपने बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सुखनई नदी पहुंचे थे। सभी श्राद्ध कार्यक्रम के तहत पूर्वजों को जल अर्पित करने की तैयारी कर रहे थे।

इसी दौरान अनूप तिवारी का अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह नदी के गहरे पानी में जाने लगे। उन्हें डूबता देख साथ मौजूद परिवार के अन्य लोग बचाने के लिए आगे बढ़े।

बताया जा रहा है कि अनूप तिवारी को बचाने की कोशिश के दौरान अन्य लोग भी गहरे पानी में चले गए। कुछ ही समय में पांचों लोग नदी में डूबने लगे। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। देखते ही देखते नदी किनारे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पांच लोगों के डूबने की खबर पूरे गांव में फैल गई।

ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नदी में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस और प्रशासन तक भी पहुंचाई गई।

हादसे में एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत होने से देवरी सिंह पुरा में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध रह गए।

अनूप तिवारी अपने बेटे अर्पित के साथ श्राद्ध कर्म के लिए नदी गए थे। परिवार के अभिनव और श्रेयांश भी उनके साथ थे। जालौन के हरेदाई निवासी पुष्कर शुक्ला भी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।

परिवार ने शायद ही सोचा होगा कि पूर्वजों को जल तर्पण करने के लिए नदी पर जाना इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। कुछ ही मिनटों में पांच लोगों की जिंदगी चली गई।

नदी किनारे मौजूद ग्रामीणों के लिए भी यह दृश्य बेहद दर्दनाक रहा। पांच लोगों के डूबने की खबर मिलते ही आसपास के लोग अपने काम छोड़कर मौके पर पहुंचे।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हादसे से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी परिवार और आसपास मौजूद लोगों से ली गई।

पुलिस ने मृतकों से जुड़ी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की गई।

हादसे के बाद नदी के उस हिस्से को लेकर भी लोगों में चिंता दिखाई दी, जहां अचानक गहराई अधिक होने की बात सामने आई। जल तर्पण के दौरान लोग नदी के अंदर गए थे और इसी दौरान यह हादसा हुआ।

अनूप तिवारी के गहरे पानी में जाने के बाद बाकी लोगों द्वारा उन्हें बचाने की कोशिश ने घटना को और गंभीर बना दिया। एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में परिवार के अन्य सदस्य भी नदी की चपेट में आ गए।

घटना में 12 वर्षीय बच्चे की मौत से गांव में शोक और गहरा हो गया। एक ही परिवार से जुड़े चार लोगों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

परिवार के घर पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और ग्रामीण पहुंचने लगे। हर कोई परिवार को संभालने की कोशिश करता दिखाई दिया।

जालौन से आए पुष्कर शुक्ला की मौत की जानकारी भी उनके परिजनों तक पहुंचाई गई। श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने आए पुष्कर की भी इस हादसे में जान चली गई।

मंगलवार का दिन देवरी सिंह पुरा गांव के लिए बेहद दुखद साबित हुआ। सुबह धार्मिक कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी, लेकिन कुछ ही घंटों में पूरा माहौल मातम में बदल गया।

गांव में जिस घर में श्राद्ध कार्यक्रम होना था, वहीं अब पांच लोगों की मौत का दुख छा गया। आसपास के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

घटना के बाद नदी के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। लोगों को गहरे पानी में जाने से बचने के लिए सतर्क किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार सुखनई नदी के कुछ हिस्सों में पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में जल तर्पण या स्नान के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है।

इस हादसे ने एक बार फिर नदी और जलाशयों में धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। हादसे में किसी तरह की अन्य वजह थी या यह पूरी तरह संतुलन बिगड़ने और गहरे पानी में जाने के कारण हुआ, इसकी भी पुष्टि की जा रही है।

सुखनई नदी में हुए इस दर्दनाक हादसे ने पांच परिवारों से जुड़े लोगों को गहरा सदमा दिया है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से देवरी सिंह पुरा गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

मंगलवार को जल तर्पण के लिए गए पांच लोगों की डूबने से मौत के बाद पूरे क्षेत्र में मातम है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है, जबकि ग्रामीण अभी भी इस अचानक हुई त्रासदी से उबर नहीं पा रहे हैं।

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