उत्तर प्रदेश

यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फेरबदल, आराधना मिश्रा को प्रदेश की कमान

Kavita2
3 Oct 2026 10:08 AM IST
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फेरबदल, आराधना मिश्रा को प्रदेश की कमान
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस ने देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी है। पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

आराधना मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अजय राय की जगह ली है। कांग्रेस का यह फैसला विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आया है। पार्टी ने एक साथ प्रदेश अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर संगठन में अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।

आराधना मिश्रा ‘मोना’ उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा हैं। वह प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से तीन बार विधायक चुनी जा चुकी हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता भी रही हैं। वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। प्रमोद तिवारी भी लंबे समय तक रामपुर खास सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

आराधना मिश्रा की नियुक्ति के जरिए कांग्रेस ने प्रदेश संगठन की कमान एक महिला नेता को देने के साथ ब्राह्मण प्रतिनिधित्व को भी प्रमुखता दी है। दूसरी तरफ इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मुस्लिम समुदाय से आने वाले एक प्रमुख नेता को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। मसूद वर्तमान में सहारनपुर से लोकसभा सांसद हैं।

प्रदेश संगठन में दो अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी की गई हैं। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक देवेंद्र निषाद के जरिए ओबीसी और निषाद समुदाय, जबकि आलोक प्रसाद के जरिए दलित प्रतिनिधित्व को प्रदेश नेतृत्व में जगह मिली है। इस तरह नई टीम में ब्राह्मण, मुस्लिम, ओबीसी और दलित नेताओं को प्रमुख पद दिए गए हैं।

इसी सामाजिक समीकरण को लेकर कांग्रेस की नई रणनीति पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। आराधना मिश्रा और इमरान मसूद की नियुक्तियों को विशेष रूप से ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इसे केवल “BMW यानी Brahmin-Muslim-Women मॉडल” के आधिकारिक कांग्रेस फॉर्मूले के रूप में पार्टी ने घोषित नहीं किया है; यह नियुक्तियों के सामाजिक समीकरण की एक राजनीतिक व्याख्या है। व्यापक नेतृत्व संरचना में ओबीसी और दलित नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन संगठनात्मक नियुक्तियों को मंजूरी दी है। इसके साथ पार्टी ने विधानसभा में भी नेतृत्व परिवर्तन किया है। आराधना मिश्रा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद फरेंदा से विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में कांग्रेस पिछले कई चुनावों से अपना संगठन और जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नई प्रदेश टीम के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने की होगी।

आराधना मिश्रा के सामने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस संगठन के बीच समन्वय स्थापित करने की चुनौती भी होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक राजनीतिक और सामाजिक समीकरण अलग-अलग हैं। ऐसे में पार्टी ने इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भी प्रदेश नेतृत्व में प्रमुख स्थान दिया है।

इमरान मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में उनकी राजनीतिक मौजूदगी रही है। कांग्रेस ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर चुनाव से पहले संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है। पार्टी की कोशिश नई प्रदेश टीम के जरिए क्षेत्रीय संतुलन बनाने की भी दिखाई देती है।

वहीं आराधना मिश्रा को कमान मिलने से कांग्रेस ने महिला नेतृत्व को भी आगे किया है। पार्टी इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अभियान चला चुकी है। आराधना मिश्रा उस दौरान भी पार्टी के अभियानों में सक्रिय रही थीं।

नई नियुक्तियों के बाद कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व अब आराधना मिश्रा, इमरान मसूद, देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद जैसे नेताओं के जरिए अलग-अलग सामाजिक समूहों का प्रतिनिधित्व करता दिखाई देता है। पार्टी की यह संगठनात्मक संरचना आगामी चुनाव में किस तरह इस्तेमाल होगी, यह उसके आगे के चुनावी कार्यक्रम और उम्मीदवार चयन से अधिक स्पष्ट होगा।

प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला ऐसे समय किया गया है जब विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। अजय राय अगस्त 2023 से उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे। अब पार्टी ने उनकी जगह आराधना मिश्रा को जिम्मेदारी देकर चुनाव से पहले नया नेतृत्व सामने रखा है।

कांग्रेस की नई टीम को लेकर राजनीतिक विश्लेषण में सामाजिक समीकरणों की चर्चा प्रमुख है। आराधना मिश्रा ब्राह्मण और महिला चेहरा हैं, इमरान मसूद मुस्लिम समुदाय से आते हैं, देवेंद्र निषाद ओबीसी प्रतिनिधित्व और आलोक प्रसाद दलित प्रतिनिधित्व से जुड़े हैं। ऐसे में संगठनात्मक फेरबदल को केवल नेतृत्व परिवर्तन के बजाय कांग्रेस की सामाजिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

अब विधानसभा चुनाव से पहले आराधना मिश्रा के नेतृत्व वाली प्रदेश कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने की चुनौती होगी। इमरान मसूद समेत नई टीम के अन्य नेताओं की भूमिका भी इसी रणनीति में महत्वपूर्ण रहने वाली है।

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