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रजिस्ट्री कराने वालों को बड़ी राहत, एक ही भवन में मिलेंगी सभी सुविधाएं, कैबिनेट ने दी मंजूरी

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब शहर के चारों रजिस्ट्री कार्यालयों और निबंधन विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों को एक ही भवन में स्थापित करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए मवाना बस स्टैंड के पास एडीएम प्रशासन के आवास के सामने स्थित सिंचाई विभाग की 4047 वर्ग मीटर जमीन निबंधन विभाग को पट्टे पर दी जाएगी। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस निर्णय से भविष्य में रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में मेरठ के निबंधन विभाग के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। कुछ कार्यालय किराये के भवनों में हैं, जबकि कुछ को प्रशासन की ओर से स्थान उपलब्ध कराया गया है। कलक्ट्रेट परिसर में स्थित दो उप निबंधक कार्यालयों में जगह की कमी के कारण भीड़ रहती है। वहीं, दो अन्य उप निबंधक कार्यालय मेरठ विकास प्राधिकरण यानी एमडीए परिसर में किराये के भवनों में चल रहे हैं। इसके अलावा एआईजी और डीआईजी के कार्यालय भी अलग-अलग स्थानों पर संचालित हैं। ऐसे में सभी कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने की योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक ही भवन में होंगे चारों रजिस्ट्री कार्यालय
प्रदेश कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद मेरठ में निबंधन विभाग के कार्यालयों को एक ही भवन में स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, शहर के चारों रजिस्ट्री कार्यालय एक ही परिसर में संचालित किए जाएंगे।
इसके साथ ही निबंधन विभाग के अधिकारियों के कार्यालय भी इसी भवन में बनाए जाएंगे।
इस व्यवस्था से रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को संबंधित कार्यालयों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकेगी।
अभी अलग-अलग स्थानों पर कार्यालय होने के कारण लोगों को आवश्यक काम के लिए विभिन्न परिसरों में जाना पड़ सकता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभागीय कार्यालय एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।
सिंचाई विभाग की 4047 वर्ग मीटर जमीन मिलेगी
निबंधन विभाग के नए कार्यालय भवन के लिए मवाना बस स्टैंड के पास जमीन चिह्नित की गई है।
यह जमीन एडीएम प्रशासन के आवास के सामने स्थित है।
प्रस्ताव के मुताबिक, सिंचाई विभाग की 4047 वर्ग मीटर जमीन निबंधन विभाग को पट्टे पर दी जाएगी।
शुक्रवार को लखनऊ में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में जमीन हस्तांतरण से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
हालांकि, जमीन कितने वर्षों के लिए पट्टे पर दी जाएगी और इसके लिए कितनी राशि निर्धारित की गई है, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।
इसी तरह नए भवन के निर्माण पर आने वाले अनुमानित खर्च की जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।
कलक्ट्रेट के रजिस्ट्री कार्यालयों में जगह की कमी
वर्तमान में मेरठ के कलक्ट्रेट परिसर में दो उप निबंधक कार्यालय संचालित हो रहे हैं।
इन कार्यालयों में स्थान की कमी के कारण भीड़ की समस्या बनी रहती है।
रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को कार्यालयों में सीमित स्थान के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है।
जमीन और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए लोगों को उप निबंधक कार्यालय पहुंचना होता है।
ऐसे में पर्याप्त स्थान नहीं होने से कार्यालय में आने वाले लोगों की आवाजाही और बैठने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
नए भवन की योजना से इस समस्या का समाधान करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
हालांकि, प्रस्तावित भवन में कितने प्रतीक्षालय, काउंटर या अन्य सुविधाएं बनाई जाएंगी, इसका विस्तृत खाका अभी उपलब्ध नहीं है।
एमडीए परिसर में किराये पर चल रहे दो कार्यालय
मेरठ के दो अन्य उप निबंधक कार्यालय फिलहाल मेरठ विकास प्राधिकरण परिसर में किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं।
इस प्रकार शहर के चारों उप निबंधक कार्यालय वर्तमान में एक ही स्थान पर नहीं हैं।
दो कार्यालय कलक्ट्रेट परिसर में हैं, जबकि दो एमडीए परिसर में चल रहे हैं।
इसके कारण निबंधन विभाग की सेवाएं अलग-अलग स्थानों पर उपलब्ध हैं।
अब प्रदेश सरकार की ओर से मंजूर प्रस्ताव के अनुसार, इन चारों कार्यालयों को एक भवन में स्थापित करने की योजना है।
इससे विभागीय कार्यों के संचालन में समन्वय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
एआईजी और डीआईजी कार्यालय भी होंगे एक जगह
नए भवन में केवल रजिस्ट्री कार्यालय ही नहीं, बल्कि निबंधन विभाग के अधिकारियों के कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे।
वर्तमान में एआईजी और डीआईजी के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर चल रहे हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत इन कार्यालयों को भी एक ही भवन में लाने की योजना है।
इससे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कामकाज से संबंधित समन्वय आसान हो सकता है।
साथ ही नागरिकों को निबंधन विभाग से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए एक ही परिसर में पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
हालांकि, अधिकारियों के कार्यालयों के लिए भवन में कितनी जगह निर्धारित की जाएगी, इसका विवरण अभी स्पष्ट नहीं है।
रजिस्ट्री कराने वालों को क्या होगा फायदा?
नए भवन के निर्माण और सभी कार्यालयों के एक स्थान पर संचालन से आम नागरिकों को कई प्रकार की सुविधा मिल सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह होगा कि रजिस्ट्री कार्यालय और संबंधित निबंधन अधिकारियों के कार्यालय एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे।
इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों का पता लगाने और वहां पहुंचने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का पंजीकरण कराने आने वाले लोगों को एक व्यवस्थित कार्यालय परिसर का लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस प्रस्ताव से रजिस्ट्री शुल्क, स्टांप शुल्क या अन्य सरकारी शुल्क में किसी बदलाव की जानकारी नहीं है।
यह निर्णय मुख्य रूप से कार्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने और उन्हें एक स्थान पर स्थापित करने से संबंधित है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी योजना
शुक्रवार को लखनऊ में प्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब नए भवन की योजना आगे बढ़ सकेगी।
सिंचाई विभाग की चिह्नित जमीन निबंधन विभाग को पट्टे पर उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बाद भवन निर्माण से जुड़ी आवश्यक विभागीय प्रक्रियाएं पूरी की जा सकेंगी।
हालांकि, भवन का निर्माण कब शुरू होगा और इसे कब तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसके अलावा निर्माण एजेंसी और प्रस्तावित भवन की लागत के संबंध में भी विवरण सामने नहीं आया है।
इसलिए नए कार्यालयों के शुरू होने की कोई निश्चित तारीख बताना अभी संभव नहीं है।
अलग-अलग भवनों में चल रहे कार्यालयों की समस्या होगी दूर
मेरठ में निबंधन विभाग के कार्यालयों का अलग-अलग स्थानों पर संचालन लंबे समय से प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा रहा है।
कलक्ट्रेट परिसर में स्थान की कमी और एमडीए परिसर में किराये के भवनों में कार्यालयों के संचालन के कारण एकीकृत भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
नए प्रस्ताव में चारों उप निबंधक कार्यालयों और निबंधन अधिकारियों के कार्यालयों को एक स्थान पर स्थापित करने की व्यवस्था की गई है।
इससे विभाग को अपने कार्यालयों के संचालन के लिए एक स्थायी और व्यवस्थित परिसर उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।
हालांकि, प्रस्तावित जमीन पट्टे पर दी जानी है और भवन निर्माण से जुड़ी विस्तृत योजना अभी सामने आना बाकी है।
मेरठ के लोगों को मिलेगी सुविधा
मेरठ में रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों के लिए प्रदेश कैबिनेट का यह निर्णय महत्वपूर्ण है।
मवाना बस स्टैंड के पास एडीएम प्रशासन के आवास के सामने स्थित 4047 वर्ग मीटर जमीन निबंधन विभाग को पट्टे पर देने की मंजूरी मिल गई है।
प्रस्तावित भवन में शहर के चारों उप निबंधक कार्यालयों के साथ एआईजी और डीआईजी सहित संबंधित अधिकारियों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।
इससे भविष्य में रजिस्ट्री और निबंधन विभाग से संबंधित कार्यों के लिए लोगों को एक ही परिसर में सुविधाएं मिल सकेंगी। फिलहाल भवन निर्माण की लागत, समयसीमा और कार्यालयों के स्थानांतरण की तारीख से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार है।





