- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- आजमगढ़ में ATS कमांडो...

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार को पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी युवक को देर रात कमांडो कार्रवाई में मार गिराया गया। वारदात के बाद आरोपी अपने तीन छोटे बच्चों के साथ एक स्थान पर छिप गया था। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने बेहद सावधानी से ऑपरेशन चलाया। लखनऊ से एटीएस के कमांडो बुलाए गए। पुलिस के मुताबिक, कमांडो टीम के आगे बढ़ने पर आरोपी ने उन पर गोलियां चला दीं। जवाबी फायरिंग में आरोपी की मौत हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम में आरोपी के चार वर्षीय बेटे की भी मौत हो गई, जबकि छह साल की बड़ी बेटी के हाथ में गोली लगी है। आठ महीने की छोटी बेटी को सुरक्षित निकाल लिया गया। घायल बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे।
घर में पूजा के दौरान पत्नी और पुजारियों पर फायरिंग
पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार शाम की है। आरोपी की पत्नी घर में पूजा करा रही थी और इसके लिए दो पुजारियों को बुलाया गया था। इसी दौरान युवक ने कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी और दोनों पुजारियों की मौत हो गई।
एक साथ तीन लोगों की हत्या की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी मच गई। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इस बीच आरोपी अपने तीनों बच्चों के साथ छिप गया। उसके पास हथियार होने के कारण पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित निकालना था।
तीन छोटे बच्चों के साथ छिपा था आरोपी
आरोपी के साथ उसकी छह साल और आठ महीने की दो बेटियां तथा चार साल का बेटा मौजूद था। बच्चों की उम्र बेहद कम होने के कारण पुलिस सीधे कार्रवाई करने से बचती रही। अधिकारियों की कोशिश थी कि किसी तरह आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए तैयार किया जाए और बच्चों को बिना नुकसान के बाहर निकाला जाए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष ऑपरेशन की तैयारी की गई। स्थानीय पुलिस के अलावा विशेष रूप से प्रशिक्षित टीम की जरूरत महसूस होने पर लखनऊ से एटीएस कमांडो को बुलाया गया।
देर रात पहुंची एटीएस कमांडो टीम
लखनऊ से एटीएस की कमांडो टीम देर रात आजमगढ़ पहुंची। इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई। आसपास के लोगों को भी सुरक्षित दूरी पर रखा गया। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखी।
कमांडो टीम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित निकालना था। पुलिस के मुताबिक, टीम जैसे ही कार्रवाई के लिए आगे बढ़ी, आरोपी ने कमांडो पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद कमांडो ने जवाबी कार्रवाई की।
आरोपी ने कमांडो पर चलाई पांच गोलियां
बनारस से मौके पर पहुंचे एडीजी ने बताया कि आरोपी की ओर से कमांडो टीम पर पांच राउंड फायरिंग की गई। इसके जवाब में कमांडो टीम ने चार राउंड गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी और उसकी मौत हो गई।
ऑपरेशन के दौरान बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास भी जारी रहा। कार्रवाई खत्म होने के बाद तीनों बच्चों की स्थिति देखी गई। चार वर्षीय बेटे की मौत हो चुकी थी, जबकि छह वर्षीय बेटी के हाथ में गोली लगी थी। आठ महीने की बच्ची को सुरक्षित पाया गया।
चार वर्षीय बेटे की भी मौत
इस घटना में चार साल के बच्चे की मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। बच्चे को गोली किसकी ओर से लगी और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इसका स्पष्ट निर्धारण विस्तृत जांच और फोरेंसिक परीक्षण के बाद ही हो सकेगा। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
घायल छह वर्षीय बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं। आठ महीने की बच्ची को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से बच्चों की देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।
फोरेंसिक जांच से जुटाए जा रहे साक्ष्य
एक ही घटनाक्रम में पत्नी, दो पुजारियों, आरोपी और उसके चार वर्षीय बेटे सहित पांच लोगों की मौत के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से हथियार, कारतूस और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फोरेंसिक टीम की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि अलग-अलग चरणों में कितनी गोलियां चलीं और किस हथियार से चलीं।
पुलिस आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पत्नी और पुजारियों की हत्या के पीछे की वजह की जांच की जा रही है। परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
पूरे इलाके में मचा हड़कंप
मंगलवार शाम शुरू हुआ यह घटनाक्रम देर रात तक चलता रहा। पहले तीन लोगों की हत्या और उसके बाद बच्चों को बंधक जैसी परिस्थितियों में साथ लेकर आरोपी के छिपने की सूचना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस और विशेष बल की मौजूदगी के कारण घटनास्थल के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
कमांडो ऑपरेशन समाप्त होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया। वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं। अब जांच का मुख्य केंद्र हत्या के पीछे की वजह, बच्चे की मौत की परिस्थितियां और पूरे घटनाक्रम में चली गोलियों की फोरेंसिक जांच है।





