उत्तर प्रदेश

आवारा जानवरों के लिए बड़ी पहल ग्रेटर नोएडा में 3 एकड़ में बनेगा एनिमल शेल्टर

nidhi
10 Aug 2026 7:30 AM IST
आवारा जानवरों के लिए बड़ी पहल ग्रेटर नोएडा में 3 एकड़ में बनेगा एनिमल शेल्टर
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कुत्ते नीलगाय और बंदरों को मिलेगा सुरक्षित ठिकाना ग्रेटर नोएडा में बनेगा बड़ा शेल्टर

ग्रेटर नोएडा: शहर में आवारा और घायल पशुओं के लिए राहत की बड़ी पहल होने जा रही है। ग्रेटर नोएडा में करीब 3 एकड़ जमीन पर एक बड़ा एनिमल शेल्टर विकसित करने की योजना है। इस शेल्टर में आवारा कुत्तों के साथ-साथ नीलगाय, बंदर और अन्य जरूरतमंद पशुओं को भी रखने और उनकी देखभाल की व्यवस्था की जाएगी। शहर में लगातार बढ़ रही मानव-पशु गतिविधियों और सड़क पर घायल होने वाले जानवरों की समस्या को देखते हुए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शेल्टर बनने के बाद घायल, बीमार और बेसहारा पशुओं को उपचार तथा सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

तीन एकड़ में बनेगा एनिमल शेल्टर
प्रस्तावित एनिमल शेल्टर के लिए करीब तीन एकड़ क्षेत्र निर्धारित किए जाने की योजना है। इतने बड़े क्षेत्र में अलग-अलग प्रजातियों के पशुओं के लिए आवश्यकता के अनुसार अलग व्यवस्था की जा सकती है। कुत्तों, बंदरों और नीलगाय जैसे पशुओं की जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए शेल्टर में उनके लिए अलग-अलग सुरक्षित स्थान, उपचार क्षेत्र और देखभाल की सुविधाएं विकसित करना महत्वपूर्ण होगा। इससे सड़क पर घायल या असहाय हालत में मिलने वाले पशुओं को तत्काल सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा सकेगा।
आवारा कुत्तों के लिए भी होगी व्यवस्था
शहरों में आवारा कुत्तों को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती हैं। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले कुत्तों और बीमार पशुओं के लिए भी उचित देखभाल की जरूरत होती है। प्रस्तावित शेल्टर में ऐसे कुत्तों को रखने, उपचार कराने और जरूरत के अनुसार देखभाल करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे सड़कों पर घायल जानवरों की स्थिति में सुधार लाने में मदद मिलेगी। साथ ही पशु कल्याण से जुड़े नियमों और स्थानीय प्रशासन की नीतियों के अनुसार आगे की व्यवस्था की जा सकेगी।
नीलगाय और बंदरों के लिए भी आश्रय
एनिमल शेल्टर की खास बात यह है कि यहां केवल आवारा कुत्तों तक सुविधा सीमित नहीं रहेगी। नीलगाय और बंदर जैसे वन्यजीवों के लिए भी सुरक्षित व्यवस्था किए जाने की योजना है। ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में शहरी विस्तार के कारण कई बार वन्यजीव आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में घायल या संकट में मिले वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उनकी देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित विशेषज्ञों और वन विभाग के समन्वय से काम करना जरूरी होगा, ताकि वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से संभाला और आवश्यकता पड़ने पर उनके प्राकृतिक आवास में वापस भेजा जा सके।
घायल पशुओं को मिलेगा इलाज
शेल्टर में केवल पशुओं को रखने की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सुविधा विकसित करना भी महत्वपूर्ण होगा। सड़क दुर्घटना में घायल पशुओं को समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है। बीमार पशुओं की पहचान, उपचार और निगरानी के लिए पशु चिकित्सकों तथा प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होगी। गंभीर रूप से घायल पशुओं के लिए अलग उपचार क्षेत्र बनाया जाना भी उपयोगी रहेगा।
शहर में पशु कल्याण को मिलेगी मजबूती
ग्रेटर नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में मानव आबादी के साथ पशुओं की संख्या और उनकी गतिविधियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में पशु कल्याण के लिए व्यवस्थित बुनियादी ढांचे की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। एनिमल शेल्टर बनने से सड़क पर घूमने वाले घायल और बेसहारा पशुओं के लिए एक संस्थागत व्यवस्था तैयार हो सकती है। इससे नागरिकों की शिकायतों का समाधान करने और पशुओं को सुरक्षित रखने में भी मदद मिल सकती है।
रेस्क्यू टीम की भूमिका होगी अहम
सिर्फ शेल्टर बनाना पर्याप्त नहीं होगा। घायल या संकट में फंसे पशुओं को सुरक्षित तरीके से वहां तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू टीम की आवश्यकता होगी। रेस्क्यू कर्मचारियों को अलग-अलग पशु प्रजातियों को संभालने का प्रशिक्षण देना भी जरूरी होगा। खासतौर पर नीलगाय और बंदर जैसे वन्यजीवों के मामले में प्रशिक्षित टीम और संबंधित वन्यजीव अधिकारियों के साथ समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।
लोगों को भी मिलेगी राहत
सड़क पर घायल पशु या वन्यजीव मिलने पर अक्सर स्थानीय लोगों को समझ नहीं आता कि किससे संपर्क किया जाए। व्यवस्थित एनिमल शेल्टर और रेस्क्यू व्यवस्था होने से ऐसी स्थिति में लोगों को एक निर्धारित व्यवस्था मिल सकती है। इससे पशुओं की मदद करने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं और मानव-पशु टकराव की घटनाओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
शेल्टर में स्वच्छता और सुरक्षा जरूरी
इतने बड़े एनिमल शेल्टर के संचालन में साफ-सफाई, भोजन, पानी, कचरा प्रबंधन और संक्रमण नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण होंगे। अलग-अलग प्रजातियों के पशुओं को आवश्यकता के अनुसार अलग रखना भी जरूरी होगा। खासकर बीमार और स्वस्थ पशुओं को अलग रखने की व्यवस्था संक्रमण फैलने के जोखिम को कम कर सकती है। नियमित पशु चिकित्सा जांच भी शेल्टर के सफल संचालन के लिए आवश्यक होगी।
वन्यजीवों के लिए अलग व्यवस्था जरूरी
नीलगाय और बंदर जैसे वन्यजीवों को पालतू या घरेलू पशुओं की तरह रखना उचित नहीं होता। इसलिए शेल्टर में उनके लिए प्राकृतिक व्यवहार के अनुरूप पर्याप्त खुली जगह और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा। वन विभाग और पशु विशेषज्ञों की सलाह से वन्यजीवों के लिए व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए, ताकि रेस्क्यू के बाद उन्हें अनावश्यक रूप से लंबे समय तक शेल्टर में न रखना पड़े।
ग्रेटर नोएडा के लिए महत्वपूर्ण पहल
तीन एकड़ में प्रस्तावित एनिमल शेल्टर ग्रेटर नोएडा में पशु कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यदि इसे उचित सुविधाओं और प्रशिक्षित स्टाफ के साथ संचालित किया जाता है तो आवारा, घायल और जरूरतमंद पशुओं को बड़ी राहत मिल सकती है। इस परियोजना से शहर में पशु संरक्षण, रेस्क्यू और उपचार की व्यवस्था को एक जगह पर व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। साथ ही नागरिकों और पशुओं के बीच बेहतर सह-अस्तित्व की दिशा में भी यह पहल उपयोगी हो सकती है।
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