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Saharanpur; में बड़ा हादसा, गैस रिसाव से मजदूर महिलाओं की हालत बिगड़ी

Saharanpur सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक मीट प्लांट में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। गैस की चपेट में आने से प्लांट में काम कर रहीं 14 महिला मजदूरों की हालत बिगड़ गई। कई महिलाओं को सांस लेने में परेशानी, घबराहट और चक्कर आने लगे, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से चार महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दमकल विभाग की टीम ने भी पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और गैस रिसाव को रोकने की कार्रवाई की। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने घटना की जांच के लिए कई टीमों का गठन किया है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम मीट प्लांट में महिला मजदूर रोज की तरह पैकिंग का काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक प्लांट में अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस फैलने लगी और वहां मौजूद कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। अचानक हुई इस घटना से प्लांट में काम कर रहे कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया और लोग बाहर निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
गैस रिसाव की वजह से कई महिला मजदूर बेहोश होकर गिर गईं। प्लांट प्रबंधन ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और पास स्थित हरि कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उनका उपचार शुरू किया गया। पीड़ित महिलाओं में आमरीन, सरवीन, फमीदा, गुलशाना, अमरीना, रुकसार, शकीला, नजमा, मिसबा, नसरीन, निशा और शहरीन समेत अन्य महिलाएं शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि गंभीर रूप से प्रभावित महिलाओं में नसरीन, नजमा, निशा और शहरीन शामिल हैं। इन चारों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। सभी महिलाएं पीलीभीत और बरेली जिले की रहने वाली बताई जा रही हैं और मीट प्लांट में रहकर पैकिंग का काम करती थीं।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम सदर सुबोध कुमार, कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र और दमकल विभाग की टीम ने प्लांट में पहुंचकर गैस रिसाव के कारणों की जांच शुरू की। अधिकारियों ने कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि अमोनिया गैस रिसाव के कारण कुछ मजदूर महिलाओं की तबीयत खराब हुई है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए विशेषज्ञ टीमों को लगाया गया है। जांच के बाद ही गैस रिसाव के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
घटना के बाद कुछ समय के लिए प्लांट का कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल देखने को मिला। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। साथ ही प्लांट में गैस रिसाव रोकने और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है।
मीट प्लांट में अमोनिया गैस का इस्तेमाल आमतौर पर शीतलन और स्टोरेज प्रक्रिया में किया जाता है। गैस का रिसाव होने पर यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि गैस रिसाव किस वजह से हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।





