उत्तर प्रदेश

बांके बिहारी गलियारे की जमीन का इंतजार अधिग्रहण में आई बड़ी अड़चन

nidhi
13 Sept 2026 7:01 AM IST
बांके बिहारी गलियारे की जमीन का इंतजार अधिग्रहण में आई बड़ी अड़चन
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वृंदावन कॉरिडोर की राह मुश्किल जमीन अधिग्रहण ने बढ़ाई चिंता

मथुरा : वृंदावन में प्रस्तावित बांकेबिहारी गलियारा परियोजना की रफ्तार भूमि अधिग्रहण की चुनौती के कारण धीमी पड़ती नजर आ रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना में अब तक 13 महीने में केवल 14 प्रतिशत जमीन ही खरीदी जा सकी है। जमीन खरीद की धीमी प्रक्रिया परियोजना के समय पर पूरा होने को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में बढ़ती भीड़ और संकरी गलियों की समस्या को देखते हुए गलियारा निर्माण की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान बनाना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और मंदिर क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन योजना के लिए जरूरी भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, परियोजना के लिए बड़ी संख्या में निजी संपत्तियों और जमीनों की जरूरत है। प्रशासन की ओर से लगातार जमीन मालिकों से बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों पर मुआवजे और संपत्ति मूल्य को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय लोगों की सहमति हासिल करना है। कई भवन मालिक अपनी संपत्तियों को लेकर अलग-अलग मांगें रख रहे हैं। वहीं कुछ लोग क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को देखते हुए निर्माण कार्य को लेकर अपनी चिंताएं भी जाहिर कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए जमीन खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की सहमति लेने का प्रयास किया जा रहा है ताकि परियोजना को बिना विवाद के पूरा किया जा सके।
बांकेबिहारी गलियारा उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर मंदिर क्षेत्र में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करना भी इस परियोजना का प्रमुख लक्ष्य है।
हालांकि, जमीन खरीद की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए परियोजना की समयसीमा को लेकर चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े धार्मिक और शहरी विकास प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण सबसे कठिन चरण होता है। प्रशासन को अब तेज गति से बातचीत और प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर को देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माना जाता है। ऐसे में गलियारा परियोजना को लेकर लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि जमीन अधिग्रहण की बाधाएं कब तक दूर होती हैं और निर्माण कार्य कब गति पकड़ता है।
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