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मकान में लगी भीषण आग, दूसरी मंजिल पर फंसे 7 लोगों को पुलिस ने बचाया

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की सुबह एक मकान में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। टीपीनगर थाना क्षेत्र के मलियाना स्थित इस्लामनगर में एक मकान के ग्राउंड फ्लोर पर कथित शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। देखते ही देखते धुआं दूसरी मंजिल तक पहुंच गया, जहां परिवार के सदस्य मौजूद थे। धुआं फैलने के कारण परिवार के लोगों का नीचे उतरना मुश्किल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से मकान के बाहर सीढ़ी लगाई और दूसरी मंजिल पर फंसे परिवार के सात सदस्यों को सुरक्षित नीचे उतारा। राहत की बात रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं दमकल की गाड़ी पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया। आग से घर में रखा सामान और निर्माण सामग्री जलने के कारण हजारों रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मलियाना के इस्लामनगर में पप्पू अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी नौशाबा, बेटा महबूब, पुत्रवधू जुबैदा, बेटी सोफिया और दो पौत्र तैमूर तथा तलहा शामिल हैं।
पप्पू अपने मकान के ग्राउंड फ्लोर पर किराने की दुकान खोलने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए नीचे के हिस्से में निर्माण और सजावट का काम कराया जा रहा है। वहीं मकान की दूसरी मंजिल पर परिवार रहता है।
बताया गया कि दुकान तैयार करने के लिए ग्राउंड फ्लोर पर पीवीसी पैनल लगाने का काम चल रहा था। शुक्रवार सुबह अचानक बिजली के तारों में कथित शॉर्ट सर्किट हुआ और नीचे के हिस्से में आग लग गई।
शुरुआत में आग सीमित स्थान पर थी, लेकिन आसपास मौजूद सामग्री के कारण धुआं तेजी से फैलने लगा। कुछ ही देर में धुआं सीढ़ियों और ऊपरी हिस्सों तक पहुंच गया।
दूसरी मंजिल पर मौजूद परिवार के सदस्यों को जैसे ही आग लगने की जानकारी हुई, वे घबरा गए। नीचे से लगातार धुआं उठने के कारण उनके लिए सामान्य रास्ते से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
घर के अंदर धुआं भरने से बच्चों और महिलाओं की परेशानी बढ़ गई। परिवार के सदस्यों ने मदद के लिए आवाज लगाई। शोर सुनकर आसपास के लोग घर के बाहर एकत्र हो गए।
स्थानीय लोगों ने मकान से धुआं निकलता देखा तो तत्काल बचाव के प्रयास शुरू किए। इसी दौरान पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और परिवार को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों की सहायता ली।
चूंकि मकान का निचला हिस्सा धुएं से प्रभावित था, इसलिए दूसरी मंजिल से बाहर निकालने के लिए सीढ़ी लगाने का निर्णय लिया गया।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने मकान के बाहर सीढ़ी लगाई। इसके बाद ऊपरी मंजिल पर फंसे परिवार के सदस्यों को सावधानीपूर्वक नीचे उतारने का काम शुरू किया गया।
बचाव के दौरान बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस के साथ मिलकर परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद की।
काफी मशक्कत के बाद सभी सात सदस्यों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। परिवार के बाहर निकलते ही लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना के दौरान आसपास के लोगों की तत्परता और पुलिस के सहयोग से बड़ा हादसा टल गया। यदि समय रहते परिवार को बाहर नहीं निकाला जाता, तो धुएं के कारण गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
इस बीच आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को भी सूचना दी गई थी। हालांकि दमकल की गाड़ी पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया।
आग बुझने के बाद मकान के ग्राउंड फ्लोर पर हुए नुकसान का जायजा लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग से दुकान की तैयारी के लिए रखी सामग्री और अन्य सामान प्रभावित हुआ है।
मकान मालिक पप्पू ने आग लगने से हजारों रुपये का नुकसान होने की बात कही है। हालांकि नुकसान की सटीक राशि का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।
इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों में आग से सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को सामने रखा है।
विशेष रूप से ऐसे मकान, जहां नीचे दुकान या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं और ऊपर परिवार रहता है, वहां बिजली की वायरिंग तथा सुरक्षित निकास व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।
यदि मकान के निचले हिस्से में आग लगती है तो उसका धुआं सीढ़ियों के रास्ते तेजी से ऊपर पहुंच सकता है। इससे ऊपरी मंजिल पर रहने वाले लोगों के लिए सामान्य रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है।
आग की घटनाओं में केवल लपटें ही नहीं, बल्कि धुआं भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। धुएं में मौजूद हानिकारक गैसें सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकती हैं।
विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारी वाले लोगों के लिए धुएं के संपर्क में आना अधिक जोखिमपूर्ण हो सकता है।
यही कारण है कि आग लगने पर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचना आवश्यक होता है।
मलियाना की इस घटना में परिवार दूसरी मंजिल पर फंस गया था, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों के समय पर पहुंचने से सभी को बाहर निकाल लिया गया।
पप्पू के मकान में किराने की दुकान खोलने के लिए चल रहे कार्य के दौरान आग लगने की बात सामने आई है। ऐसे में निर्माण कार्य के समय बिजली की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, विद्युत वायरिंग में खराबी, क्षमता से अधिक लोड और असुरक्षित कनेक्शन शॉर्ट सर्किट का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा पीवीसी पैनल जैसी सजावटी सामग्री के आसपास काम करते समय आग से सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतना जरूरी होता है। हालांकि इस विशेष घटना में आग किस सामग्री से फैली, इसकी तकनीकी पुष्टि नहीं हुई है।
घरों और दुकानों में बिजली संबंधी कार्य प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से कराना चाहिए। पुराने तारों की नियमित जांच और क्षतिग्रस्त कनेक्शन की मरम्मत भी आवश्यक है।
किसी मकान में आग लगने की स्थिति में मुख्य बिजली आपूर्ति को सुरक्षित तरीके से बंद करना महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि यह काम तभी किया जाना चाहिए, जब ऐसा करने में व्यक्ति को कोई खतरा न हो।
आग लगने पर तुरंत दमकल विभाग को सूचना देना चाहिए और भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
यदि सीढ़ियों या निकास मार्ग में धुआं भर गया हो, तो बिना सुरक्षा उपकरणों के उस रास्ते से निकलने का प्रयास खतरनाक हो सकता है।
मेरठ में हुई इस घटना में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने बाहर से सीढ़ी लगाकर परिवार को सुरक्षित निकाला। इससे परिवार के सदस्यों की जान बच सकी।
फिलहाल इस्लामनगर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
हालांकि मकान के ग्राउंड फ्लोर पर रखा सामान आग की चपेट में आने से आर्थिक नुकसान हुआ है। अब आग लगने के वास्तविक कारण और नुकसान की सटीक राशि का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस और पड़ोसियों के बचाव प्रयासों की सराहना की जा रही है। परिवार के सुरक्षित बाहर निकलने से बड़ा हादसा टल गया।





