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उत्तर प्रदेश
शामली में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा फर्जी पहचान से खुलवाए सात बैंक खाते, 22 लोगों को लगाया चूना
nidhi
23 Aug 2026 7:33 AM IST

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फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाते खोलकर करोड़ों की ठगी का खुलासा
शामली : उत्तर प्रदेश के शामली जिले में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने ऐसे आरोपी का खुलासा किया है, जिसने कथित तौर पर फर्जी पहचान के जरिए बैंक खाते खुलवाए और इन खातों का इस्तेमाल देश के कई राज्यों में ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने हिंदू नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर सात बैंक खाते खुलवाए थे।
जांच में सामने आया कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों से जुड़ी रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया जा रहा था। आरोपी पर आरोप है कि उसके नेटवर्क के जरिए 10 राज्यों के 22 लोगों से ठगी की गई। साइबर पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
फर्जी दस्तावेजों से तैयार किया ठगी का नेटवर्क
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। फर्जी आधार कार्ड के आधार पर बैंक खाते खुलवाए गए और इन खातों को साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया गया। साइबर अपराधियों द्वारा अक्सर ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें "म्यूल अकाउंट" कहा जाता है। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर कर जांच एजेंसियों को भ्रमित करने की कोशिश की जाती है।
10 राज्यों तक फैला था ठगी का असर
शामली पुलिस के अनुसार आरोपी से जुड़े मामलों की जांच में पता चला है कि ठगी का दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ है। 22 पीड़ितों से जुड़ी शिकायतों की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और ठगी की कुल रकम कितनी है। जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं, ताकि पूरे साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
साइबर अपराधों पर पुलिस की नजर
शामली समेत देशभर में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ठग फर्जी पहचान, नकली दस्तावेज और दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या दस्तावेजों की जानकारी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ठगी के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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