उत्तर प्रदेश

आयुर्वेद-यूनानी के नाम पर चल रहे अवैध क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई

Ratna Netam
29 July 2026 9:41 PM IST
आयुर्वेद-यूनानी के नाम पर चल रहे अवैध क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई
x

मुरादाबाद : जनपद में आयुर्वेद, यूनानी और देसी दवाखाने के नाम पर बिना अनुमति संचालित हो रहे अवैध क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर छह अवैध क्लीनिकों को सीज कर दिया गया। वहीं कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई अन्य क्लीनिक संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और मौके से गायब हो गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं देने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अमरदीप सिंह नायक ने बताया कि पिछले काफी समय से प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिना मान्यता, पंजीकरण और निर्धारित मानकों का पालन किए आयुर्वेद, यूनानी तथा देसी दवाखाने के नाम पर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। कई स्थानों पर ऐसे क्लीनिकों में बिना योग्य चिकित्सकों के इलाज किए जाने और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने की भी शिकायतें सामने आई थीं।

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की ओर से दो विशेष जांच टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने जिले के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया और संदिग्ध क्लीनिकों का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान कई क्लीनिक ऐसे पाए गए, जिनके पास संचालन की वैध अनुमति, पंजीकरण अथवा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। कुछ स्थानों पर चिकित्सकीय मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक सुविधाओं और रिकॉर्ड का भी अभाव मिला। ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने छह क्लीनिकों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कई क्लीनिकों के संचालकों को पहले ही अभियान की जानकारी मिल गई थी। इसके चलते उन्होंने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और मौके से चले गए। ऐसे क्लीनिकों की भी सूची तैयार कर ली गई है और उनके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि केवल क्लीनिक बंद कर देने से कोई भी कार्रवाई से नहीं बच सकेगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना मान्यता या नियमों के विपरीत चिकित्सा सेवाएं देना कानून का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण जारी रखा जाए और जहां भी अवैध क्लीनिक संचालित होने की सूचना मिले, वहां तत्काल छापेमारी की जाए।

क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अमरदीप सिंह नायक ने लोगों से भी अपील की कि वे इलाज कराने से पहले संबंधित चिकित्सक और क्लीनिक की वैधता की जांच अवश्य करें। यदि किसी स्थान पर बिना अनुमति या संदिग्ध तरीके से चिकित्सा सेवाएं संचालित होती दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि बिना प्रशिक्षित या अपंजीकृत व्यक्तियों द्वारा किया जाने वाला उपचार मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। गलत दवाइयों का उपयोग, उचित जांच का अभाव और चिकित्सकीय मानकों की अनदेखी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए केवल अधिकृत और पंजीकृत चिकित्सा संस्थानों से ही उपचार कराना सुरक्षित माना जाता है।

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। जिन क्लीनिकों के खिलाफ शिकायतें मिलेंगी या जो नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले में अवैध चिकित्सा सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगाना और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

मुरादाबाद में शुरू हुआ यह अभियान अवैध चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाता है। अधिकारियों का कहना है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

Next Story