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कारोबारी शिवा हत्याकांड में बड़ा खुलासा करने की तैयारी, पुलिस कराएगी क्राइम सीन रीक्रिएशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस अब वैज्ञानिक तरीके से जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। शिवा की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया जाएगा। इस दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञ, मेडिकोलीगल एक्सपर्ट और पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मृतक शिवा की मां रंजना भी उपस्थित रहेंगी। पुलिस का उद्देश्य घटना से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना और यह पता लगाना है कि शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।
पुलिस उपायुक्त मध्य अर्पित विजयवर्गीय इस संबंध में विधि विज्ञान प्रयोगशाला को पत्र भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं। पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएशन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि इस जांच से घटना की कई महत्वपूर्ण कड़ियां जुड़ सकती हैं और मौत के कारणों को समझने में मदद मिल सकती है।
क्राइम सीन रीक्रिएशन से सामने आएगी घटना की सच्चाई?
कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिवा की मौत दुर्घटनावश गिरने से हुई, उन्होंने खुद छलांग लगाई या उनके साथ कोई आपराधिक घटना हुई थी।
इन्हीं सवालों का जवाब तलाशने के लिए पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएशन कराने जा रही है। इस प्रक्रिया में विशेषज्ञ घटनास्थल की परिस्थितियों का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करेंगे। घटना के समय की संभावित स्थिति, संबंधित स्थान की बनावट और उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
पुलिस यह समझने का प्रयास करेगी कि जिस स्थान से शिवा के गिरने की बात सामने आई है, वहां से किसी व्यक्ति के गिरने की संभावित दिशा और परिस्थितियां क्या हो सकती हैं। इस दौरान मिले निष्कर्षों की तुलना पहले से उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट से की जाएगी।
फोरेंसिक और मेडिकोलीगल विशेषज्ञ करेंगे जांच
क्राइम सीन रीक्रिएशन में फोरेंसिक और मेडिकोलीगल विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। फोरेंसिक टीम घटनास्थल की तकनीकी जांच करेगी, जबकि मेडिकोलीगल विशेषज्ञ शरीर पर आई चोटों की प्रकृति और संभावित कारणों का अध्ययन करेंगे।
शिवा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर के पिछले हिस्से पर अधिक चोटें मिलने की जानकारी सामने आई थी। ऐसे में विशेषज्ञ यह जांच सकते हैं कि चोटों का स्वरूप घटनास्थल की परिस्थितियों से कितना मेल खाता है।
विशेषज्ञ ऊंचाई, गिरने की दिशा, संभावित टकराव और चोटों के बीच संबंध का मूल्यांकन कर सकते हैं। हालांकि, किसी एक परीक्षण के आधार पर हत्या या दुर्घटना का अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं होगा। इसके लिए सभी वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का समग्र विश्लेषण जरूरी होगा।
शिवा की मां की मौजूदगी में होगी पूरी प्रक्रिया
इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान शिवा की मां रंजना भी मौजूद रहेंगी। उन्होंने पहले ही अपने बेटे की मौत को लेकर हत्या का मामला दर्ज कराया है।
परिवार की ओर से घटना की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की जाती रही है। पुलिस की इस नई पहल से परिजनों को भी जांच की प्रक्रिया समझने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, क्राइम सीन रीक्रिएशन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच करना है। इसमें सामने आने वाले निष्कर्षों को अन्य सबूतों और गवाहों के बयानों के साथ मिलाकर देखा जाएगा।
नौ अक्टूबर को अपार्टमेंट से गिरकर हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार, नौ अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में बालू अड्डा चौराहे के पास स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद शिवा की मां रंजना ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश उर्फ तनवीर सहित अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
घटना के बाद से ही पुलिस लगातार अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आरोपितों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपित गिरफ्तार
शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश उर्फ तनवीर को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया था।
तीनों को लखनऊ लाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने उनसे अलग-अलग पूछताछ की। डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ कर घटना से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे।
पुलिस ने आरोपितों से मोबाइल फोन और अन्य सामान भी बरामद किया है। मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के जरिए घटना से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपितों की किन लोगों ने मदद की थी। अदालत ने तीनों आरोपितों की जमानत अर्जियां भी खारिज कर दी हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल के साक्ष्यों का होगा मिलान
पुलिस की जांच में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान विशेषज्ञ यह समझने का प्रयास करेंगे कि घटनास्थल की परिस्थितियों और शिवा के शरीर पर मिली चोटों के बीच क्या संबंध है।
इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा संभावित गिरने की दिशा, ऊंचाई और शरीर पर चोट लगने की परिस्थितियों का अध्ययन किया जा सकता है।
वैज्ञानिक परीक्षण से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियां अब तक सामने आए बयानों के अनुरूप हैं या नहीं।
यदि जांच में कोई विरोधाभास मिलता है तो पुलिस संबंधित लोगों से दोबारा पूछताछ कर सकती है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वैज्ञानिक परीक्षण भी कराए जा सकते हैं।
वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुलेगा मौत का राज?
कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में क्राइम सीन रीक्रिएशन को जांच का अहम चरण माना जा रहा है। पुलिस अब प्रत्यक्ष और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ वैज्ञानिक तथ्यों को भी जोड़ना चाहती है।
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि नौ अक्टूबर को अपार्टमेंट में वास्तव में क्या हुआ था और किन परिस्थितियों में शिवा की जान गई।
फिलहाल पुलिस ने रीक्रिएशन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों के सहयोग से होने वाली इस प्रक्रिया के निष्कर्षों का इंतजार रहेगा। इससे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।





