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उत्तर प्रदेश
यूपी में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन,आगरा के 3 बूथों पर दोबारा मतदान की सिफारिश
Rajeshwari Nishad
24 Oct 2026 4:42 PM IST

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यूपी : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ियों और लापरवाही को लेकर निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें सुधार करने के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अब सिर्फ निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) ही नहीं, बल्कि जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और जिलाधिकारी (DM) की जिम्मेदारी भी निर्धारित की जा सकती है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग के इस रुख से उन अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ने के संकेत मिले हैं, जिनके जिम्मे मतदाता सूची तैयार करने, उसका सत्यापन करने और निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की निगरानी का काम है।
मतदाता सूची में लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही
मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसी सूची के आधार पर पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सूची में गलतियां होने या पात्र मतदाताओं से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी रहने से निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के साथ-साथ जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा कि मतदाता सूची से जुड़े काम में जिम्मेदारी तय रहे और किसी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज न किया जाए।
इस व्यवस्था के तहत गड़बड़ी सामने आने पर केवल उस अधिकारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, जिसके स्तर पर गलती हुई हो। मामले की प्रकृति और संबंधित अधिकारियों की भूमिका के आधार पर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।
पीलीभीत में दो एसडीएम और कंप्यूटर सहायक पर कार्रवाई
मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में पीलीभीत में कार्रवाई की गई है। यहां दो उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और एक कंप्यूटर सहायक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह मामला मतदाता सूची से जुड़े काम में लापरवाही को लेकर निर्वाचन आयोग के सख्त रुख के बीच सामने आया है।
पीलीभीत की इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा सकती है। निर्वाचन संबंधी कार्यों में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम करें और सूची में दर्ज जानकारी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरतें।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पीलीभीत मामले में हुई गड़बड़ी की पूरी प्रकृति, संबंधित अधिकारियों के नाम और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के विस्तृत विवरण का उल्लेख नहीं है। इसलिए इस मामले में कार्रवाई के कारणों और आगे की प्रक्रिया को लेकर किसी अतिरिक्त निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान स्थलों पर दोबारा मतदान की सिफारिश
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों के बीच आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान स्थलों पर पुनर्मतदान कराने की सिफारिश भी की गई है। इसका अर्थ है कि संबंधित मतदान स्थलों पर दोबारा मतदान कराने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की अनुशंसा की गई है।
पुनर्मतदान की सिफारिश निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे मामलों में मतदान स्थलों पर सामने आई परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संबंधित स्तर पर निर्णय लिया जाता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इन तीन मतदान स्थलों पर गड़बड़ी किस प्रकार की थी या पुनर्मतदान की सिफारिश किन विशिष्ट कारणों से की गई है।
इसलिए फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि तीन मतदान स्थलों पर दोबारा मतदान कराने की सिफारिश की गई है। पुनर्मतदान की अंतिम मंजूरी, तारीख और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित विवरण उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं हैं।
निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
निर्वाचन आयोग का यह रुख मतदाता सूची से जुड़े काम में सतर्कता और जवाबदेही को महत्वपूर्ण बनाता है। मतदाता सूची में दर्ज जानकारी सही होना आवश्यक है, ताकि पात्र मतदाताओं को मतदान में परेशानी न हो और निर्वाचन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हो सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के बयान के अनुसार, गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की भूमिका के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसमें ERO के साथ DEO और DM की जवाबदेही भी शामिल हो सकती है। वहीं, पीलीभीत में दो एसडीएम और एक कंप्यूटर सहायक के खिलाफ कार्रवाई तथा आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान स्थलों पर पुनर्मतदान की सिफारिश इस विषय से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़ी लापरवाही को लेकर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इससे मतदाता सूची तैयार करने और निर्वाचन व्यवस्था की निगरानी से जुड़े अधिकारियों पर निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने का दबाव बढ़ेगा। हालांकि, अलग-अलग मामलों में की गई कार्रवाई और पुनर्मतदान से जुड़े अंतिम निर्णयों की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही उनकी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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