उत्तर प्रदेश

चार मुकदमों में वांछित शारिक साठा, कोर्ट के आदेश पर बड़ा एक्शन

nidhi
13 Oct 2026 7:58 AM IST
चार मुकदमों में वांछित शारिक साठा, कोर्ट के आदेश पर बड़ा एक्शन
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डुगडुगी बजाकर चस्पा किया नोटिस
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में नवंबर 2024 में हुई हिंसा के मामले में वांछित शारिक साठा के खिलाफ पुलिस ने एक और कानूनी कार्रवाई की है। चार आपराधिक मुकदमों में वांछित चल रहे शारिक साठा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर उसके घर पहुंचकर मुनादी कराई। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने अदालत द्वारा जारी उद्घोषणा आदेश को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया और आरोपी के मकान पर नोटिस चस्पा किया। पुलिस का कहना है कि गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद आरोपी अब तक अदालत में पेश नहीं हुआ है।
संभल पुलिस के अनुसार, शारिक साठा के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार आपराधिक मुकदमे विचाराधीन हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 61(2) से संबंधित आरोप शामिल हैं। धारा 103(1) हत्या के अपराध से संबंधित है, जबकि धारा 61(2) आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पहले अदालत से गैर जमानती वारंट प्राप्त किए गए थे। इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वह अदालत में भी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। थानाध्यक्ष संजय शर्मा के अनुसार, लगातार फरार रहने के कारण न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 84 के तहत उद्घोषणा आदेश जारी किया। इसी आदेश का पालन करते हुए पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची और सार्वजनिक मुनादी की कार्रवाई पूरी की।
सोमवार, 12 अक्टूबर को दीपासराय पुलिस चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक विशांत मलिक पुलिसकर्मियों के साथ शारिक साठा के घर पहुंचे। टीम ने स्थानीय स्तर पर मुनादी कराई और अदालत का आदेश पढ़कर सुनाया। इसके बाद मकान पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से आरोपी के खिलाफ जारी न्यायिक आदेश को सार्वजनिक किया गया। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी आरोपी के संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
शारिक साठा का नाम संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की जांच के दौरान सामने आया था। उस दिन शाही जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध के दौरान हिंसक घटनाएं हुई थीं। इनमें चार लोगों की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी तथा अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस हिंसा के पीछे कथित साजिश और हथियारों की आपूर्ति के मामले में शारिक साठा की भूमिका होने का आरोप लगाया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसका संबंध अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरी के नेटवर्क से भी रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया था कि शारिक साठा विदेश में रहते हुए अपने सहयोगियों के संपर्क में था। उसके निर्देश पर कुछ लोगों ने हिंसा के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार उपलब्ध कराए थे। पुलिस इन आरोपों से संबंधित साक्ष्यों की जांच कर चुकी है और मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। संभल हिंसा की जांच में पुलिस ने बड़ी संख्या में आरोपियों की पहचान की थी। सितंबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस मामले में कुल 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे और 148 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। इनमें से कई आरोपियों को अदालत से जमानत भी मिल चुकी है।
हिंसा के दौरान दर्ज मामलों में करीब 3,750 अज्ञात और 37 नामजद आरोपियों का उल्लेख किया गया था। जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन भी किया गया था। पुलिस ने कई मामलों में आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए हैं, जबकि कुछ मामलों की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। कानूनी जानकारों के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 84 के तहत अदालत फरार आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उद्घोषणा जारी कर सकती है। इसके अंतर्गत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया जाता है।
यदि आरोपी न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करता है, तो संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई संभव है। हालांकि, इस मामले में अगली कार्रवाई अदालत के आदेश और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगी। फिलहाल शारिक साठा की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने उसके घर पर मुनादी कराने और नोटिस चस्पा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। चार मुकदमों में वांछित आरोपी को अदालत के समक्ष पेश कराने के प्रयास जारी हैं।
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