उत्तर प्रदेश

कफ सिरप केस में बड़ी कार्रवाई

Kavita2
5 Oct 2026 9:53 AM IST
कफ सिरप केस में बड़ी कार्रवाई
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उत्तरप्रदेश : कोडीनयुक्त कफ सिरप की कथित तस्करी से जुड़े मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। मामले के कथित सरगना शुभम जायसवाल की पत्नी वैशाली पुर्नवासी के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है। निर्धारित समय के भीतर गिरफ्तारी या अदालत में पेश नहीं होने की स्थिति में उसके खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

पुलिस के मुताबिक वैशाली पुर्नवासी को एक महीने के भीतर गिरफ्तार करने या उसके अदालत में पेश होने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। यदि इस अवधि में वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आती या स्वयं न्यायालय के सामने पेश नहीं होती है तो उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें संपत्ति की कुर्की से संबंधित प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।

कोडीनयुक्त कफ सिरप से जुड़े इस मामले में पुलिस लगातार उन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शुभम जायसवाल से संपर्क सामने आया है। इसी जांच के दौरान विकास सिंह का नाम भी सामने आया। पुलिस ने विकास सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि विकास ने शुभम जायसवाल को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया था।

विकास सिंह शुभम जायसवाल का पड़ोसी बताया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि अनुभव प्रमाण पत्र किस उद्देश्य से जारी किया गया था और इसका इस्तेमाल कहां किया गया। जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

इस मामले में विकास सिंह की पत्नी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसे गिरफ्तारी के बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया था। अब विकास की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे मामले में उसकी भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम शुभम जायसवाल की पत्नी वैशाली पुर्नवासी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होना माना जा रहा है। वारंट जारी होने के बाद पुलिस के पास उसकी गिरफ्तारी के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस उसकी संभावित मौजूदगी वाले स्थानों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

यदि वैशाली निर्धारित अवधि में सामने नहीं आती है तो पुलिस अदालत के आदेश और कानूनी प्रावधानों के तहत उसकी संपत्ति के संबंध में आगे की कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर सकती है। हालांकि कुर्की की कार्रवाई भी निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया और आवश्यक आदेशों के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।

कोडीनयुक्त कफ सिरप का मामला सामने आने के बाद पुलिस का फोकस केवल कथित तस्करी तक सीमित नहीं है। जांच में इससे जुड़े नेटवर्क, दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और सहयोग करने वाले लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में एक-एक कर संबंधित लोगों से पूछताछ और कार्रवाई की जा रही है।

कोडीन का इस्तेमाल कुछ कफ सिरप में चिकित्सकीय आवश्यकता के तहत किया जाता है, लेकिन ऐसी दवाओं की बिक्री और वितरण निर्धारित नियमों के तहत होता है। इनका अवैध तरीके से भंडारण, बिक्री या तस्करी सामने आने पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसी वजह से जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में दवा की आपूर्ति कहां से हुई और आगे किसे भेजी गई, इसकी पूरी कड़ी तलाशने की कोशिश करती हैं।

शुभम जायसवाल को इस मामले का कथित सरगना बताया जा रहा है। ऐसे में पुलिस उससे जुड़े लोगों की भूमिका को अलग-अलग स्तर पर खंगाल रही है। वैशाली पुर्नवासी के खिलाफ वारंट जारी होने और विकास सिंह की गिरफ्तारी को इसी जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शुभम को जारी किए गए अनुभव प्रमाण पत्र का पूरे मामले से क्या संबंध था। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया क्या थी, उसमें दी गई जानकारी सही थी या नहीं और उसका उपयोग किस काम के लिए किया गया। विकास से पूछताछ के बाद इस संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है।

विकास की पत्नी की पहले हुई गिरफ्तारी और अब विकास के पकड़े जाने से जांच का दायरा उनके परिवार तक भी पहुंच गया है। हालांकि गिरफ्तारी या जांच के दायरे में आने मात्र से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं होता। आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

दूसरी ओर वैशाली पुर्नवासी की मुश्किलें गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद बढ़ गई हैं। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी प्राथमिकता उसे तलाशकर अदालत के सामने पेश करना है। एक महीने की अवधि बीतने के बाद भी गिरफ्तारी या पेशी नहीं होने पर पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए अदालत का रुख कर सकती है।

इस पूरे प्रकरण में पुलिस कथित कफ सिरप तस्करी नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। जांच के दौरान सामने आने वाले प्रत्येक संपर्क और दस्तावेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और अलग-अलग लोगों की क्या भूमिका रही।

फिलहाल वैशाली पुर्नवासी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट ने मामले में कानूनी कार्रवाई को एक कदम आगे बढ़ा दिया है। वहीं शुभम जायसवाल को अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने वाले उसके पड़ोसी विकास सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच जारी है। अब निगाह इस बात पर है कि वैशाली अदालत के सामने पेश होती है या पुलिस उसे गिरफ्तार करती है। ऐसा नहीं होने पर उसके खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

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