उत्तर प्रदेश

अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामले में बड़ी कार्रवाई, FIR में नामजद आठ लोग गिरफ्तार

Kavita2
26 Jun 2026 11:03 AM IST
अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामले में बड़ी कार्रवाई, FIR में नामजद आठ लोग गिरफ्तार
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: अयोध्या में राम मंदिर में मिले दान के कथित गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए FIR में नामजद आठ लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

यह मामला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें दान राशि के कथित दुरुपयोग और गबन के आरोप लगाए गए हैं। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर इस संबंध में FIR दर्ज कराई गई थी। शिकायत में दान की राशि के प्रबंधन और उपयोग में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है। SIT ने अपनी शुरुआती जांच में कुछ वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन की ओर इशारा किया था, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई।

इसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया और मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच टीम सभी पहलुओं पर बारीकी से काम कर रही है ताकि दान राशि के उपयोग और कथित गबन से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि दान की राशि के प्रबंधन में कुछ प्रक्रियागत खामियां हो सकती हैं, हालांकि इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही की जाएगी। SIT की रिपोर्ट में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया था, उन्हें अब जांच का आधार बनाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जो इस मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने में मदद कर सकती हैं। इसके साथ ही अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी पहचान की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी धार्मिक या सार्वजनिक ट्रस्ट में वित्तीय पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यों और दान प्रबंधन की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी स्थिति से बचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस ने संकेत दिया है कि आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। SIT की विस्तृत रिपोर्ट और फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक और धार्मिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, जबकि जांच एजेंसियां इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता के रूप में देख रही हैं। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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