उत्तर प्रदेश

अपहरण पीड़िता के गर्भपात को लेकर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Ratna Netam
23 July 2026 2:37 PM IST
अपहरण पीड़िता के गर्भपात को लेकर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
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प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक संवेदनशील मामले में जिला प्रशासन ने गर्भवती किशोरी के गर्भ समापन की प्रक्रिया के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। गंगापार क्षेत्र के मऊआइमा थाना अंतर्गत रहने वाली किशोरी के मामले में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके तिवारी ने चिकित्सकों की एक विशेष टीम गठित की है।

मामला मऊआइमा थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां रहने वाली किशोरी का कथित रूप से चार अप्रैल को अपहरण कर लिया गया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और किशोरी को बरामद किया गया। बरामदगी के बाद पुलिस की ओर से कराए गए चिकित्सकीय परीक्षण में किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मामला प्रशासन के सामने पहुंचा।

पीड़िता की मां ने अपनी बेटी का गर्भपात कराने की अनुमति के लिए गंगानगर जोन के डीसीपी को प्रार्थना पत्र दिया था। डीसीपी कार्यालय की ओर से इस आवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को भेजा गया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चिकित्सकों की टीम गठित कर दी है। मेडिकल बोर्ड किशोरी की स्वास्थ्य स्थिति, गर्भ की अवधि और अन्य चिकित्सकीय पहलुओं की जांच करेगा। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

प्रशासन ने इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गर्भ समापन से पहले भ्रूण का डीएनए नमूना सुरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही नामजद किशोर अपचारी का भी डीएनए सैंपल लेकर उसे वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में संरक्षित किया जाए।

प्रशासन का कहना है कि डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने से भविष्य में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध हो सकेंगे। जांच एजेंसियां और अदालत आवश्यकता पड़ने पर डीएनए परीक्षण के माध्यम से मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि कर सकेंगी।

डीसीपी की ओर से आठ जुलाई को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी कार्यालय ने 10 जुलाई को पत्र जारी किया था। रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता का प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। इसके बाद ही गर्भ समापन की अनुमति और मेडिकल प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई तेज की गई।

इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से पीड़िता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही आगे के कदम उठाए जाएंगे। वहीं, पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई को भी आगे बढ़ा रही है।

प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि पीड़िता को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में जांच और न्यायिक प्रक्रिया मजबूत आधार पर आगे बढ़ सके।

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